कुएं की जगह सौर ऊर्जा से सिंचाई कर रहे किसान, इस योजना से बागवानी फसलों की ओर मुड़े किसान

Solar Irrigation System: प्रधानमंत्री कुसुम योजना से किसानों को किसानों को संबल मिला है. योजना के तहत किसानों को 90 फीसदी सब्सिडी पर सोलर पंप उपलब्ध करा जा रहे हैं. अब हर मौसम में खेती हो रही है और टपक सिंचाई तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ा है. इससे कृषि कार्य के समय में कमी आई है और उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 21 Apr, 2026 | 03:45 PM

सिंचाई दिक्कतों से जूझ रहे झारखंड के जामताड़ा जिले के किसानों को पीएम कुसम योजना से बड़ी राहत मिली है. स्थानीय पहले कुएं और तालाबों से पानी निकालकर फसलों की सिंचाई करते थे, लेकिन पीएम कुसुम योजना के जरिए अब सोलर सिंचाई सिस्टम लगाकर जमीन से पानी निकालकर सिंचाई कर रहे हैं. इससे किसान अब हर मौसम में खेती कर पा रहे हैं. टपक सिंचाई तकनीक की मदद से किसान आम, सागवान, ड्रैगन फ्रूट और लीची की खेती में बढ़िया मुनाफा बना पा रहे हैं.

झारखंड सरकार के कृषि विभाग के अनुसार जामताड़ा जिले के किसानों को प्रधानमंत्री कुसुम योजना का लाभ दिया जा रहा है. जामताड़ा में किसानों को प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 90 फीसदी सब्सिडी की छूट के साथ सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं. कृषि लागत कम करने और किसानों को मुनाफा पहुंचाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने 19 फरवरी 2019 से प्रधानमंत्री कुसुम योजना की शुरुआत की थी.

प्रधानमंत्री कुसुम योजना से किसानों को किसानों को संबल मिला है. योजना के तहत किसानों को 90 फीसदी सब्सिडी पर सोलर पंप उपलब्ध करा जा रहे हैं. अब हर मौसम में खेती हो रही है और टपक सिंचाई तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ा है. इससे कृषि कार्य के समय में कमी आई है और उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है.

12 से ज्यादा किसानों को योजना से खेती उत्पादन बढ़ा

प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पंप का लाभ मिलने से जामताड़ा जिले के सुदूरवर्ती मथुरा गांव के किसान बड़े पैमाने पर खेती कर रहे हैं. किसान वृंदावन मंडल ने बताया कि योजना का लाभ मिलने से वे बारह माह विभिन्न तरह के फल, सब्जियों और फसलों का उत्पादन कर रहे हैं. जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर स्थित मथुरा गांव के एक दर्जन किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंपसेट प्राप्त हुआ है.

आम, लीची, ड्रैगन फ्रूट की खेती

किसान विष्णु घोष ने मीडिया से कहा कि अब सिंचाई में मेहनत कम लगती है और समय की बचत होती है. उन्होंने कहा कि सोलर सिंचाई सिस्टम लगने से पहले की तुलना में अधिक आमदनी भी हो रही है. योजना का लाभ लेने वाले किसान अब खेती में पारंपरिक फसलों के साथ ही आम, लीची, ड्रैगन फ्रूट और सागवान समेत बागवानी फसलों की खेती भी कर रहे हैं.

सिंचाई के लिए टपक विधि का इस्तेमाल

किसान बलराम मंडल ने मीडिया से कहा कि पहले कुएं के पानी से सिंचाई करते थे, जिसके कारण काफी परेशानी होती थी. लेकिन सोलर पंप सेट की मदद से वे बड़े पैमाने पर आसानी से सिंचाई कर रहे हैं. सोलर पंप की मदद से सीधे जमीन से पानी निकाल कर सिंचाई की जा रही है और सिंचाई में टपक विधि का इस्तेमाल किया जा रहा है.

बिजली का झंझट खत्म हुआ

जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने कहा कि जामताड़ा जिले में काफी किसान सोलर आधारित पंप सेट का लाभ ले रहे हैं और खेती कर रहे हैं. इसमें बिजली का झंझट नहीं रहती और आसानी से सिंचाई हो जाती है. इसके अलावा जामताड़ा जिले में केंद्र सरकार प्रायोजित टपक सिंचाई प्रणाली का लाभ लेकर किसान जल संरक्षण भी कर रहे हैं.

किसानों की कमाई में बढ़त

जामताड़ा के जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के माध्यम से बिजली और डीजल की भारी बचत हो रही है, वहीं किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है और किसान 24 घंटे सातों दिन निर्बाध बिजली आर्पूति के माध्यम से कृषि कर रहे हैं. साथ ही डीजल पंप की जगह सौर ऊर्जा का उपयोग होने से प्रदूषण कम होता है.

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