Ginger Farming: अदरक की खेती में बड़ा मौका, सिर्फ एक एकड़ से आठ महीने में 5 लाख तक कमाई!

अदरक की खेती किसानों के लिए कम समय में बेहतर कमाई का शानदार विकल्प बनती जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि सही तकनीक, अच्छी देखभाल और बाजार की मांग का लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं. इसके साथ दूसरी फसलें लगाकर अतिरिक्त कमाई का अवसर भी मिलता है.

नोएडा | Published: 22 Jul, 2026 | 06:38 PM

Ginger Farming: अदरक की खेती आज किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसलों में शामिल हो चुकी है. बाजार में इसकी लगातार मांग और अच्छे दाम मिलने के कारण किसान पारंपरिक फसलों की जगह अदरक की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, यदि किसान सही समय पर बुवाई करें और वैज्ञानिक तरीके अपनाएं, तो एक एकड़ भूमि से लाखों रुपये तक की कमाई संभव है. खास बात यह है कि अदरक की खेती के साथ अन्य फसलें लगाकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त की जा सकती है.

जून में करें बुवाई, बेड विधि से मिलेगा बेहतर उत्पादन

कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार बताते हैं कि अदरक की बुवाई  के लिए जून का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है. इसकी खेती बेड विधि से की जाती है, जिससे खेत में जलभराव नहीं होता और पौधों का विकास बेहतर होता है. सबसे पहले खेत में अच्छी तरह गोबर की सड़ी हुई खाद मिलाकर बेड तैयार किए जाते हैं. एक बेड से दूसरे बेड की दूरी लगभग तीन फीट रखी जाती है, जबकि बीज से बीज की दूरी करीब छह इंच होनी चाहिए. इस तकनीक से पौधों को पर्याप्त पोषण और जगह मिलती है.

एक एकड़ में कितना बीज और कितना खर्च

अदरक की खेती  के लिए एक एकड़ खेत में लगभग 8 से 10 क्विंटल बीज की आवश्यकता होती है. बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों को मिलाकर कुल लागत करीब एक लाख रुपये या उससे अधिक तक आ सकती है. हालांकि यह लागत क्षेत्र और बाजार दरों के अनुसार बदल सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और उचित देखभाल से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है.

100 क्विंटल तक उत्पादन, बाजार में शानदार भाव

सही प्रबंधन और समय पर देखभाल करने पर एक एकड़ खेत से लगभग 100 क्विंटल या उससे अधिक अदरक का उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. बाजार में अदरक का भाव समय और मांग के अनुसार 3,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाता है. ऐसे में किसानों को उनकी उपज के अनुसार अच्छा लाभ मिल सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अदरक को जितना अधिक समय खेत में रखा जाता है, कंद उतने ही बड़े और भारी होते जाते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ता है.

इंटर क्रॉपिंग से बढ़ेगी अतिरिक्त कमाई

अदरक की खेती का एक बड़ा फायदा यह भी है कि किसान इसके साथ मक्का और तिल जैसी फसलों की इंटर क्रॉपिंग कर सकते हैं. इससे खेत का बेहतर उपयोग होता है और किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, अदरक की खेती में वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग, समय पर सिंचाई और रोग प्रबंधन अपनाकर किसान आठ महीने में अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. यही कारण है कि अदरक की खेती आज किसानों के लिए लाभदायक कृषि व्यवसाय के रूप में उभर रही है.

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