धान पर डबल अटैक! फिजी वायरस के बाद लीफ फोल्डर का खतरा, किसानों की बढ़ी टेंशन

हरियाणा में फिजी वायरस के बाद अब धान की फसल पर लीफ फोल्डर कीट का खतरा बढ़ गया है. करनाल में करीब 56 हजार एकड़ फसल इसकी चपेट में है. नुकसान की तीव्रता 5-10 फीसदी आंकी गई है. गर्म और उमस भरा मौसम कीट के लिए अनुकूल है. कृषि विभाग किसानों को सतर्क रहने और जरूरत के मुताबिक ही कीटनाशक इस्तेमाल करने की सलाह दे रहा है.

नोएडा | Updated On: 20 Aug, 2026 | 12:13 PM

हरियाणा के करनाल जिले में धान की फसल पर एक और संकट मंडराने लगा है. फिजी वायरस के बाद अब इलाके के धान के खेतों में लीफ फोल्डर कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है. इससे किसानों की टेंशन बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि इस कीट ने धान की फसल के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है. फिलहाल फसल विकास के अहम दौर में है, ऐसे में किसान फसल नुकसान को लेकर डरे हुए हैं.

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्म, उमस भरा और अपेक्षाकृत सूखा मौसम लीफ फोल्डर के बढ़ने के लिए अनुकूल होता है. अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो कीट का प्रकोप और बढ़ सकता है. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, लीफ फोल्डर  का प्रकोप अभी शुरुआती स्तर पर है और आर्थिक नुकसान की सीमा (ETL) से नीचे है. फिलहाल फसल को बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है.

विभाग स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है

अधिकारियों ने किसानों से घबराने के बजाय खेतों पर नजर रखने और सतर्क रहने की अपील की है. विभाग स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है. धान की फसल में लीफ फोल्डर कीट के प्रकोप को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कीटनाशकों का इस्तेमाल तय मात्रा में ही करने की सलाह दी है. करनाल जिले में करीब 4.5 लाख एकड़ में धान की खेती होती है. इनमें से लगभग 56 हजार एकड़ फसल में लीफ फोल्डर का प्रकोप सामने आया है.

नुकसान की तीव्रता करीब 5-10 फीसदी आंकी गई

करनाल के उप निदेशक कृषि (DDA) डॉ. जसविंदर सिंह ने द ट्रिब्यून से कहा कि प्रभावित फसल में नुकसान की तीव्रता करीब 5-10 फीसदी आंकी गई है. उन्होंने बताया कि फसल को बचाने के लिए कृषि विभाग की सलाह के अनुसार पौध संरक्षण  उपाय किए जा रहे हैं. डॉ. जसविंदर सिंह ने किसानों से कहा कि बिना जरूरत कीटनाशक का छिड़काव न करें. जिस खेत में लीफ फोल्डर का प्रकोप दिखाई दे, वहीं सिफारिश के मुताबिक नियंत्रण उपाय किए जाएं.

फसल की पैदावार पर पड़ सकता है असर

उन्होंने बताया कि यह कीट धान की पत्तियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) प्रक्रिया प्रभावित होती है. इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ सकता है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. इसके बावजूद प्रभावित इलाकों के किसान अपनी फसल पर लगातार नजर रख रहे हैं और कीट का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में तुरंत नियंत्रण उपाय करने की तैयारी कर रहे हैं.

लीफ फोल्डर कैसे पहुंचाता है नुकसान

लीफ फोल्डर (पत्ता लपेटक) धान की फसल को नुकसान पहुंचाने वाला कीट है. इसकी सुंडी धान की पत्तियों  को मोड़कर रेशम जैसे धागों से चिपका देती है और उनके अंदर छिप जाती है. यह पत्तियों का हरा हिस्सा खाती है, जिससे पत्तियां सफेद होकर सूखने लगती हैं और फसल को नुकसान पहुंचता है.

Published: 20 Aug, 2026 | 12:09 PM

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