दुनिया का सबसे महंगा आम भी होगा आपके घर में, जानें मियाजाकी उगाने का आसान तरीका

मियाजाकी आम पकने पर गहरे लाल या हल्के बैंगनी रंग का हो जाता है. इसका गूदा बहुत मुलायम और बेहद मीठा होता है. इसमें प्राकृतिक मिठास ज्यादा होती है, इसलिए इसका स्वाद अलग और खास माना जाता है. जापान में इसे तोहफे के रूप में भी दिया जाता है.

नई दिल्ली | Updated On: 26 Feb, 2026 | 03:51 PM

Miyazaki mango farming: आम का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा आम भी है जिसकी कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है? इस खास आम का नाम है मियाजाकी आम. यह जापान की एक प्रसिद्ध किस्म है और इसे “सूरज का अंडा” भी कहा जाता है. इसकी मिठास, रंग और आकार इसे बाकी आमों से अलग बनाते हैं. हैरानी की बात यह है कि इस महंगे आम को अब लोग अपने घर की छत पर भी उगा रहे हैं.

मियाजाकी आम क्यों है खास

मियाजाकी आम पकने पर गहरे लाल या हल्के बैंगनी रंग का हो जाता है. इसका गूदा बहुत मुलायम और बेहद मीठा होता है. इसमें प्राकृतिक मिठास ज्यादा होती है, इसलिए इसका स्वाद अलग और खास माना जाता है. जापान में इसे तोहफे के रूप में भी दिया जाता है. कई जगह इसकी कीमत 2 से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है.

छत पर कैसे शुरू करें इसकी खेती

अगर आप भी इसे उगाना चाहते हैं तो बीज से नहीं, बल्कि तैयार पौधा यानी सैपलिंग खरीदें. इससे पौधा जल्दी बढ़ता है और फल देने की संभावना भी ज्यादा होती है. बड़े गमले या ग्रो बैग का इस्तेमाल करें ताकि जड़ों को फैलने की जगह मिल सके. मिट्टी तैयार करते समय साधारण मिट्टी में जैविक खाद मिलाएं. गोबर की खाद, रसोई के बचे हुए छिलकों से बनी खाद और थोड़ी रेत मिलाकर अच्छी मिट्टी तैयार की जा सकती है. मिट्टी नरम और पानी निकालने वाली होनी चाहिए, ताकि जड़ों में पानी जमा न हो.

धूप और पानी का ध्यान रखें

यदि आप भी अपने घर की छत या बालकनी में इस खास आम को उगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले बीज के बजाय एक स्वस्थ पौधा या ग्राफ्टेड सैपलिंग लेना बेहतर होता है. इससे पौधा जल्दी बढ़ता है और फल देने की संभावना भी बढ़ती है.

बड़े आकार के गमले या ग्रो बैग का चयन करना जरूरी है, ताकि जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके. मिट्टी तैयार करते समय सामान्य मिट्टी में जैविक खाद मिलाना फायदेमंद होता है. गोबर की खाद, दही, और रसोई के जैविक कचरे से बनी कम्पोस्ट मिलाकर पोषक तत्वों से भरपूर मिश्रण तैयार किया जा सकता है. लगभग आधी मिट्टी और आधी जैविक खाद का संतुलित मिश्रण अच्छा परिणाम देता है.

कीटों से बचाव के लिए रासायनिक दवाओं के बजाय नीम तेल या अन्य प्राकृतिक उपायों का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. इससे पौधा सुरक्षित रहता है और फल भी शुद्ध एवं स्वस्थ बनते हैं.

फल आने में लगता है समय

मियाजाकी आम का पौधा तुरंत फल नहीं देता. इसे फल देने में 3 से 4 साल तक का समय लग सकता है. इसलिए इस खेती में धैर्य बहुत जरूरी है. अगर आप नियमित देखभाल करेंगे तो कुछ साल बाद आपके घर की छत पर भी लाल रंग के खास आम लटकते नजर आ सकते हैं.

शहरी लोगों के लिए नई उम्मीद

आजकल शहरों में जगह कम होती है, लेकिन छत या बालकनी में बागवानी का चलन बढ़ रहा है. मियाजाकी आम की यह कहानी बताती है कि छोटी सी जगह में भी बड़ी सफलता मिल सकती है. सही मिट्टी, धूप और देखभाल से आप भी अपने घर पर खास और महंगे फल उगा सकते हैं.

Published: 26 Feb, 2026 | 02:22 PM

Topics: