सिंचाई की समस्या होगी दूर, भूजल स्तर में भी होगा सुधार.. CM नायडू ने की विशेष अभियान की घोषणा
सीएम नायडू ने कहा कि नहरों की मरम्मत, तालाबों की सफाई, फीडर चैनल खोलना और चेक डैम मजबूत करना जरूरी है, ताकि भंडारण बढ़े और मॉनसून में बाढ़ से बचा जा सके. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वर्तमान में 8.7 मीटर पर स्थित भूजल स्तर को कम से कम 1.5 मीटर बढ़ाना चाहिए.
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जल सुरक्षा पर 100 दिन की अभियान की घोषणा की है. यह कार्यक्रम सरकारी पहल के साथ-साथ जनता की भागीदारी वाला आंदोलन भी होगा. खास बात यह है कि ‘जल सुरक्षा- सिंचाई संघों की जिम्मेदारी’ नामक यह अभियान 6 अप्रैल को अनंतपुर जिले के यादिकी से शुरू भी हो गया है. इसका उद्देश्य जल संरक्षण को मजबूत करना, भूमिगत जल भंडार बढ़ाना और पानी के सतत उपयोग को सुनिश्चित करना है.
नायडू ने टेलीकॉन्फ्रेंस में कहा कि जल सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, इसके लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. नायडू ने सिंचाई संघों से कहा कि वे पानी की हर बूंद बचाने की जिम्मेदारी लें. उन्हें जल बजट तैयार करने, पानी की ऑडिट करने और सूक्ष्म-सिंचाई अपनाने जैसी पहल करनी चाहिए, ताकि पानी बर्बाद न हो. यह अभियान 6 अप्रैल से 14 जुलाई तक चार चरणों में चलेगा. जिसमें 6-15 अप्रैल तक कार्यों की पहचान, 16-20 अप्रैल तक प्रशासनिक मंजूरी, 21 अप्रैल से 9 जुलाई तक कार्यान्वयन और 10-14 जुलाई तक कार्य पूर्णता रिपोर्ट जमा करना है. सिंचाई, कृषि, पशुपालन, वन और पंचायती राज विभाग मिलकर योजना को लागू करेंगे.
भूजल स्तर में सुधार की जरूरत
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम नायडू ने कहा कि नहरों की मरम्मत, तालाबों की सफाई, फीडर चैनल खोलना और चेक डैम मजबूत करना जरूरी है, ताकि भंडारण बढ़े और मॉनसून में बाढ़ से बचा जा सके. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वर्तमान में 8.7 मीटर पर स्थित भूजल स्तर को कम से कम 1.5 मीटर बढ़ाना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि गर्मियों तक 6 मीटर और मॉनसून के अंत तक 3 मीटर गहराई पर पानी उपलब्ध होना चाहिए. नायडू ने अन्नमय्या जिले की ‘जलधारा’ पहल को उदाहरण बताया, जहां तालाबों को भरने से भूजल स्तर काफी बढ़ा और अन्य जिलों से इसे अपनाने का आग्रह किया.
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फीडर चैनलों की सफाई करने पर जोर
उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से तालाबों का नक्शा बनाने, सैटेलाइट इमेजिंग और हाइड्रोलॉजी विश्लेषण के साथ फीडर चैनलों की सफाई करने पर जोर दिया, ताकि पानी संरक्षण प्रभावी हो. सीएम नायडू ने कहा कि जल सुरक्षा कृषि, उद्योग और अन्य क्षेत्रों की विकास की नींव है और सही संरक्षण से आंध्र प्रदेश को सूखा मुक्त बनाया जा सकता है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने याद दिलाया कि हंद्री-नीवा, गलेरु-नगरि और तेलुगु गंगा जैसे सिंचाई प्रोजेक्ट्स एनटीआर के कार्यकाल में शुरू हुए थे. उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स, खासकर पोला वरम, को जल्द पूरा किया जाएगा.
कार्यक्रम में ये लोग होंगे शामिल
तदीपात्रि निर्वाचन क्षेत्र में इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ हुआ. नायडू का कार्यक्रम यदिकी में जनसभा, पेंदेकल जलाशय का दौरा और वेमुलापाडु में स्थानीय नेताओं के साथ समीक्षा बैठक शामिल है. मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा कड़ी की गई है, पुलिस और जिला प्रशासन ने यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की है. नायडू ने पिछली सरकार पर जल संरक्षण की अनदेखी का भी आरोप लगाया.