मक्का की खेती करने पर सब्सिडी, फ्री में मिलेंगे प्रति हेक्टेयर 17500 रुपये.. यहां करें आवदेन

कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर 17,500 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. इसमें से 4,500 रुपये ब्लॉक कृषि कार्यालय में इनपुट बिल जमा करने पर मिलेंगे. बाकी 13,000 रुपये दो किस्तों में दिए जाएंगे, लेकिन इसके लिए फसल की जियो-टैगिंग के साथ अनिवार्य सत्यापन पूरा करना जरूरी होगा.

नोएडा | Updated On: 4 May, 2026 | 09:20 AM

Maize Farming: गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है. मक्का की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. खास बात यह है पंजाब सरकार ने 2026-27 सीजन में अपनी खरीफ मक्का विविधीकरण योजना को 6 जिलों से बढ़ाकर 16 जिलों तक फैलाने का फैसला किया है. इसके तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 17,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस कदम का उद्देश्य किसानों को ज्यादा पानी खर्च करने वाली धान की खेती से हटाकर मक्का जैसी फसलों की ओर बढ़ावा देना है.

कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि यह फैसला 2025-26 में छह जिलों में चलाए गए पायलट प्रोजेक्ट  को मिले अच्छे रिस्पॉन्स के बाद लिया गया है. उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य में तेजी से गिर रहे भूजल स्तर को रोकने की दिशा में उठाया गया है. मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि सरकार का लक्ष्य खरीफ सीजन में करीब 20,000 हेक्टेयर जमीन पर मक्का की खेती को बढ़ावा देना है. इसके लिए अमृतसर, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मोगा, पटियाला, पठानकोट, रूपनगर, संगरूर, एसएएस नगर, एसबीएस नगर और तरनतारन जैसे जिलों को शामिल किया गया है.

प्रति हेक्टेयर 17,500 रुपये की सब्सिडी

कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर 17,500 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. इसमें से 4,500 रुपये ब्लॉक कृषि कार्यालय में इनपुट बिल जमा करने पर मिलेंगे. बाकी 13,000 रुपये दो किस्तों में दिए जाएंगे, लेकिन इसके लिए फसल की जियो-टैगिंग के साथ अनिवार्य सत्यापन पूरा करना जरूरी होगा.

किसान इस इस पोर्टल पर कर सकते हैं आवदेन

मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे भूजल बचाने के लिए खरीफ मक्का की खेती अपनाएं. जो किसान इस योजना में शामिल होना चाहते हैं, वे सरकारी पोर्टल Agrimachinerypb.com पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए J-फॉर्म और खेत की जियो-टैगिंग जरूरी होगी, ताकि यह पुष्टि हो सके कि किसान ने पिछले साल धान की खेती की थी और इस साल मक्का की ओर बदलाव कर रहा है. मंत्री ने कहा कि सत्यापन ‘उन्नत किसान’  पोर्टल के जरिए दो चरणों में किया जाएगा. पहला चरण 15 से 25 जुलाई तक और दूसरा चरण 5 से 15 अगस्त तक होगा. हर सत्यापन के बाद जिला मुख्य कृषि अधिकारी किसानों को प्रति हेक्टेयर क्रमशः 9,500 रुपये और 7,500 रुपये की राशि जारी करेंगे.

भूजल स्तर में सुधार आने की उम्मीद

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (एकता) मंजाइल के नेता हीरा सिंह ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने ‘किसान इंडिया’ से कहा कि राज्य सरकार ने फसल विविधीकरण का दायरा बढ़ाकर 6 से 16 जिलो में कर दिया है. इससे किसानों को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि सब्सिडी के चलते किसान अधिक से अधिक रकबे में मक्के की खेती करेंगे. इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और पानी की बचत भी होगी. ऐसे में भूजल स्तर में भी सुधार होगा.

Published: 4 May, 2026 | 09:18 AM

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