करनाल धान खरीद घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 3 और आरोपी गिरफ्तार… ऐसे हुआ खुलासा

धान खरीद घोटाले में SIT ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे जांच के दायरे में आए लोगों की संख्या 45 से अधिक हो गई है. जांच में फर्जी किसान पंजीकरण, नकली गेट पास, फर्जी खरीद रिकॉर्ड और करोड़ों रुपये मूल्य के सरकारी धान की हेराफेरी के आरोप सामने आए हैं.

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नोएडा | Updated On: 28 Jun, 2026 | 01:49 PM

करनाल कथित धान खरीद घोटाले की जांच में SIT को बड़ी सफलता मिली है. जांच एजेंसी ने तीन अलग-अलग मामलों में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार या जांच के दायरे में आए लोगों की संख्या 45 से अधिक हो गई है. गिरफ्तार आरोपियों में एक राइस मिल मालिक और दो आढ़ती शामिल हैं, जबकि एक पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को भी पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर बाद में रिहा कर दिया गया. हालांकि, जांच में शामिल होने के बाद उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार रिहा किया गया.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, डीएसपी राजीव कुमार के नेतृत्व वाली SIT ने इंद्री अनाज मंडी से जुड़े मामले में यूनाइटेड राइस मिल के मालिक नसीब सिंह को गिरफ्तार किया. जांच के दौरान मिल में सरकारी धान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन  किया गया, जिसमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई. जांच में पाया गया कि सरकार द्वारा आवंटित धान की तुलना में मिल से करीब 2.61 करोड़ रुपये मूल्य का धान गायब था. गिरफ्तारी से पहले नसीब सिंह की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी थी. डीएसपी के अनुसार, आरोपी अब तक विभाग के पास लगभग 2.47 करोड़ रुपये जमा करा चुका है.

अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच हो रही है

SIT ने यूनाइटेड राइस मिल मामले में तत्कालीन जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) अनिल कुमार को भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया. डीएसपी राजीव कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार की गई. पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. पुलिस अब इस कथित घोटाले में अनिल कुमार और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है. इससे पहले अनिल कुमार को तरावड़ी थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है.

दो आढ़तियों को भी गिरफ्तार किया

इसके अलावा SIT ने 25 जून को दो अलग-अलग मामलों में दो आढ़तियों को भी गिरफ्तार किया. डीएसपी के अनुसार, करनाल अनाज मंडी के आढ़ती जसविंदर सिंह उर्फ सुबा को करनाल सिटी थाने में दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. तरावड़ी थाने में दर्ज एक अन्य मामले में तरावड़ी अनाज मंडी के आढ़ती सुमित शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है. करनाल के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र बिजारणिया ने कहा कि पिछले खरीद सीजन में धान खरीद में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच जारी है. उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और अब तक दर्ज सभी मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

घोटाले से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच

अब तक इस कथित घोटाले से जुड़े आठ मामले करनाल के विभिन्न थानों में दर्ज किए जा चुके हैं. इन मामलों में 45 से अधिक अधिकारी, राइस मिल मालिक, आढ़ती और अन्य लोग गिरफ्तार हो चुके हैं या जांच में शामिल किए गए हैं. SIT इस घोटाले से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है. जांच के दायरे में ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर किसानों के फर्जी पंजीकरण, नकली गेट पास, फर्जी आवक रिकॉर्ड और सरकारी लेन-देन में कथित अनियमितताओं की पड़ताल शामिल है.

इस तरह फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए गए

जांच में सामने आया है कि सरकारी धान की खरीद और उसे राइस मिल तक पहुंचाने के फर्जी रिकॉर्ड  तैयार किए गए थे. आरोप है कि दस्तावेजों में धान का स्टॉक दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में इतना धान कभी मौजूद ही नहीं था. अधिकारियों को आशंका है कि सरकारी धान को कहीं और भेज दिया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ. SIT अब इस पूरे मामले में शामिल लोगों की भूमिका और धन के प्रवाह की जांच कर रही है.

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Published: 28 Jun, 2026 | 01:46 PM

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