हरियाणा धान घोटाला केस में बड़ा अपडेट, पुलिस ने सब-इंस्पेक्टर को किया गिरफ्तार

हरियाणा के करनाल में कथित धान घोटाले की जांच तेज हो गई है. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सब-इंस्पेक्टर रामफल को धान स्टॉक में गड़बड़ी और बंद राइस मिल को आवंटन के आरोप में गिरफ्तार किया गया. दो नई एफआईआर के बाद मामले बढ़कर आठ हो गए हैं.

Kisan India
नोएडा | Published: 26 May, 2026 | 11:42 AM

Haryana News: हरियाणा में धान घोटाले से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. करनाल पुलिस ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सब-इंस्पेक्टर रामफल को धान स्टॉक में गड़बड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक राइस मिल में धान की कमी होने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं की और कथित तौर पर एक बंद पड़ी राइस मिल को भी धान आवंटित किया. पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से चार दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है.

पुलिस अब इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी. करनाल के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र बिजारणिया ने ‘द ट्रिब्यून’ को बताया कि विभागीय जांच में बालाजी राइस मिल में धान की कमी  और एक गैर-कार्यरत मिल को धान आवंटित किए जाने का मामला सामने आया था. इसके बाद रामफल, विभाग के अन्य अधिकारियों और दो राइस मिलों के मालिकों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गईं. रामफल पर बालाजी राइस मिल के साथ-साथ तरावड़ी स्थित विश्वकर्मा राइस मिल में भी धान की कमी से जुड़े मामले में संलिप्त होने का आरोप है.

10,000 क्विंटल धान की कमी पाई गई

पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने कहा कि इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई  की जाएगी. उन्होंने कहा कि अदालत ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर रामफल को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. इस दौरान पुलिस पूरे नेटवर्क और इस कथित घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच करेगी. वहीं, पिछले सप्ताह करनाल के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) मुकेश कुमार के नेतृत्व में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने दोनों राइस मिलों का भौतिक सत्यापन किया था. जांच में तरावड़ी स्थित बालाजी राइस मिल में करीब 10,000 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जबकि विश्वकर्मा राइस मिल में लगभग 26,000 क्विंटल धान का स्टॉक कम मिला. इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है.

इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) मुकेश कुमार ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि जिन राइस मिलों को धान आवंटित किया गया था, वे उस समय संचालन में नहीं थीं और निर्धारित मानकों को भी पूरा नहीं कर रही थीं. इसके बावजूद उन्हें धान आवंटित  किया गया, जिसकी जांच की जा रही है. पुलिस ने बालाजी राइस मिल के मालिक अरुण, मोहित और सुरेंद्र के साथ विभाग के इंस्पेक्टर दविंदर और सब-इंस्पेक्टर रामफल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. वहीं, विश्वकर्मा राइस मिल के मालिक महिंदर जांगड़ा और विभाग के इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ भी धान स्टॉक में कमी के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है.

अब तक 6 एफआईआर दर्ज

इस कथित धान घोटाले से जुड़े मामलों में करनाल पुलिस पहले ही छह एफआईआर दर्ज कर चुकी थी. अब दो नई एफआईआर दर्ज होने के बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है. पुलिस जांच के दौरान अब तक 40 से अधिक अधिकारियों, राइस मिल संचालकों और आढ़तियों को गिरफ्तार कर चुकी है या उनसे पूछताछ की जा रही है. मामले की जांच लगातार जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है.

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