धान की नर्सरी में छोटी सी लापरवाही करा सकती है बड़ा नुकसान! बुवाई से पहले जान लें ये 7 बातें

Paddy Farming: धान की खेती का मौसम शुरू होने वाला है, ऐसे में किसान नर्सरी और खेत की तैयारी में जुट जाएंगे. विशेषज्ञों के अनुसार सही तैयारी बहुत जरूरी है, क्योंकि छोटी गलतियां भी फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं. खेत की सफाई, गहरी जुताई और गोबर खाद का इस्तेमाल मिट्टी को मजबूत बनाता है. नर्सरी के लिए ऊंची जमीन चुनना और समय पर सिंचाई करना भी जरूरी है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 24 May, 2026 | 08:11 AM

Paddy Farming Tips: धान की खेती का मौसम धीरे-धीरे शुरू होने वाला है. पहली बारिश के साथ ही किसान खेतों की तैयारी और धान की नर्सरी (बिछड़ा) तैयार करने में जुट जाएंगे. लेकिन अक्सर जल्दबाजी में किसान कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका सीधा असर पूरी फसल की पैदावार पर पड़ता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, गलत शुरुआत से उत्पादन घट सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञ सही तरीके से खेत तैयार करने की सलाह दे रहे हैं.

नर्सरी से पहले खेत की सफाई बेहद जरूरी

धान की नर्सरी लगाने से पहले खेत की सफाई सबसे पहला और जरूरी कदम है. खेत में मौजूद खरपतवार (बेकार घास) को पूरी तरह हटाना चाहिए. खरपतवार मिट्टी के पोषक तत्वों को तेजी से खत्म कर देती है, जिससे धान के पौधे कमजोर हो जाते हैं. अगर शुरुआत में ही सफाई नहीं की गई, तो आगे चलकर फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है.

सही जुताई से बढ़ती है मिट्टी की ताकत

खेत की अच्छी तैयारी के लिए सूखे खेत की गहरी जुताई करना जरूरी है. जुताई से मिट्टी भुरभुरी हो जाती है और उसमें हवा का संचार बेहतर होता है. इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है और धान के पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी जुताई भविष्य की मजबूत फसल की नींव रखती है. एक्सपर्ट के अनुसार खेत में गोबर की खाद का इस्तेमाल करना बेहद फायदेमंद होता है. यह मिट्टी को प्राकृतिक पोषण देती है और उसकी नमी बनाए रखने में मदद करती है.

नमी का सही प्रबंधन है जरूरी

अगर बारिश समय पर नहीं होती है, तो खेत में सिंचाई जरूर करनी चाहिए. सूखी मिट्टी में तैयार की गई नर्सरी कमजोर हो जाती है और पौधों की बढ़वार प्रभावित होती है. धान की अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी होना बेहद जरूरी है. इसलिए किसान शुरुआत से ही पानी के सही प्रबंधन पर ध्यान दें.

नर्सरी के लिए सही जमीन का चुनाव

धान की नर्सरी हमेशा थोड़ी ऊंची जमीन पर तैयार करनी चाहिए. इससे बारिश के समय पानी भरने की समस्या नहीं होती और जल निकासी भी अच्छी रहती है. अगर नर्सरी में पानी जमा हो जाए, तो पौधे खराब हो सकते हैं. वहीं पानी की कमी से भी पौधों के सूखने का खतरा रहता है. इसलिए ऐसी जगह का चयन जरूरी है जहां पानी का संतुलन बना रहे.

मौसम के अनुसार बीज का चयन जरूरी

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम के अनुसार धान के बीज चुनने की सलाह दी है. इस साल मानसून कमजोर रहने की संभावना को देखते हुए कम पानी में अच्छी उपज देने वाली किस्में बेहतर विकल्प हो सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार,

  • शक्ति पोहा
  • सवा 200
  • सवा 300
  • कावेरी 468
  • पूसा बासमती 1509

जैसी किस्में कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं. इन किस्मों में रोग कम लगते हैं और उत्पादन भी बेहतर होता है.

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Published: 24 May, 2026 | 08:11 AM

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