पाम ऑयल की कीमत में 80 फीसदी की बढ़ोतरी, 21546 रुपये टन हुआ रेट.. किसान कर रहे बंपर कमाई

तेलंगाना में पाम ऑयल की कीमत पिछले 10 वर्षों में 12,000 रुपये से बढ़कर 21,546 रुपये प्रति टन हो गई है. सरकार किसानों को धान की जगह पाम ऑयल की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. सीएम ए. रेवंत रेड्डी 22 मार्च को सिद्धिपेट जिला के नरमेत्ता में ऑयल पाम फैक्ट्री का उद्घाटन करेंगे.

नोएडा | Published: 16 Mar, 2026 | 05:14 PM

Telangana News: तेलंगाना में पाम ऑयल की कीमत में लागातार बढ़ोतरी हो रही. ऐसे में किसानों की बंपर कमाई हो रही है. पिछले 10 वर्षों में पाम ऑयल की कीमत 12,000 रुपये प्रति टन से बढ़कर 21,546 रुपये प्रति टन हो गई है. यानी 10 साल के अंदर कीमत में लगभग 80 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है. राज्य सरकार किसानों को ज्यादा पानी लेने वाली धान की खेती छोड़कर पाम ऑयल की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

दरअसल, तेलंगाना में अभी लगभग 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पाम ऑयल की खेती  हो रही है और सरकार आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 10 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रख रही है. इसी के तहत सिद्धिपेट जिले के नरमेत्ता गांव में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक ऑयल पाम फैक्ट्री बनाई गई है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 22 मार्च को इस फैक्ट्री का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा 40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रिफाइनरी की आधारशिला भी रखी जाएगी.

देश के बड़े धान उत्पादकों में शामिल हो गया है

तेलंगाना के कृषि, विपणन और सहकारिता मंत्री थुम्मला नागेश्वर राव ने कहा कि भूजल स्तर  में सुधार होने के कारण राज्य देश के बड़े धान उत्पादकों में शामिल हो गया है. राज्य सरकार द्वारा सुपर फाइन किस्म के धान पर दिए गए बोनस से किसानों को अधिक धान उगाने के लिए प्रोत्साहन मिला. हालांकि, उन्होंने कहा कि धान की खरीद में आने वाली समस्याओं के कारण किसानों को ऐसी फसलों की ओर जाना चाहिए, जिनमें कीट-रोग, जंगली सूअर और बंदरों के हमले जैसी दिक्कतें कम हों. उन्होंने कहा कि पाम ऑयल की खेती इसके लिए बेहतर विकल्प है और किसानों से इसे अपनाने की अपील की. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से पाम ऑयल की कीमत बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति टन करने की मांग भी की.

अगले मार्केटिंग सीजन में भी कीमतें अच्छी बनी रहेंगी

नरमेत्ता में स्थापित ऑयल पाम प्लांट की शुरुआती प्रसंस्करण क्षमता 30 टन प्रति घंटा (TPH) है, जिसे बढ़ाकर 120 TPH तक किया जा सकता है. इस प्लांट में विजया हैदराबाद एडिबल ऑयल्स ब्रांड को भी सहयोग देने की सुविधा होगी. सरकार का मानना है कि 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस रिफाइनरी से किसानों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी. वहीं, तेलंगाना सरकार ने केंद्र से पाम ऑयल की कीमत बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति टन करने की मांग भी की है, ताकि अधिक किसान इसकी खेती अपनाएं. खम्मम जिले के ऑयल पाम किसान महेश रेड्डी का कहना है कि बढ़ती कीमतें किसानों के लिए उत्साहजनक हैं और उन्हें उम्मीद है कि मई से अक्टूबर तक के अगले मार्केटिंग सीजन में भी कीमतें अच्छी बनी रहेंगी.

22 मार्च को जारी की जाएगी इस योजना की पहली किस्त

बता दें कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी 22 मार्च को सिद्धिपेट जिले के नरमेत्ता गांव से ही रायथु भरोसा निधि योजना की पहली किस्त जारी करने वाले हैं.  पहले चरण में लगभग 3,590 करोड़ रुपये की राशि लगभग 70 लाख किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी. खास बात यह है कि इस योजना का लाभ केवल वही किसान उठा पाएंगे जिनके पास एक एकड़ तक जमीन है. यानी एक एकड़ से अधिक जमीन वाले किसान इस योजना के पात्र नहीं हैं. अधिकारियों के अनुसार, दूसरी किस्त 20 दिन बाद जारी की जाएगी. दूसरी किस्त के लिए 2,650 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी. वहीं, तीसरी किस्त अप्रैल के अंत तक दी जाएगी. कुल मिलाकर, तीन किस्तों में सरकार लगभग 9,000 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में जमा करेगी.

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