पंजाब में लिफ्ट सिंचाई परियोजना की शुरुआत, 102 गांवों तक पहुंचेगा का पानी.. बढ़ेगी पैदावार

पंजाब सरकार ने रोपड़ जिले के नूरपुर बेदी ब्लॉक में 650 करोड़ रुपये की लिफ्ट सिंचाई परियोजना का पहला चरण शुरू किया है. योजना पूरी होने पर 102 गांवों के किसानों को सिंचाई का पानी मिलेगा. चेक डैम, सतलुज और स्वान नदी के पानी के बेहतर उपयोग से भूजल पर निर्भरता घटेगी और खेती को बढ़ावा मिलेगा.

नोएडा | Updated On: 22 Jul, 2026 | 09:18 AM

पंजाब सरकार ने रोपड़ (रूपनगर) जिले के नूरपुर बेदी ब्लॉक में 650 करोड़ रुपये की लिफ्ट सिंचाई परियोजना का पहला चरण शुरू कर दिया है. इस योजना के पूरा होने पर 102 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. सरकार का कहना है कि इससे खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की भूजल पर निर्भरता भी कम होगी. साथ ही इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के किसानों को नियमित सिंचाई का लाभ मिलेगा.

जल संसाधन और मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने नूरपुर बेदी के छज्जा गांव में इस परियोजना का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सतलुज और स्वान (Swan) नदियों के पानी का इस्तेमाल कर बारिश पर निर्भर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा. गोयल ने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी नूरपुर बेदी ब्लॉक के कई गांव पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं  से वंचित थे. किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने कई विकल्पों पर विचार किया, जिनमें नंगल जलाशय और सतलुज नदी से पानी लाने की योजना भी शामिल थी.

किसानों को नियमित सिंचाई का लाभ मिलेगा

सरकार का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के किसानों को नियमित सिंचाई का लाभ मिलेगा और खेती को बढ़ावा मिलेगा. मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि सरकार ने क्लस्टर आधारित लिफ्ट सिंचाई मॉडल  अपनाने का फैसला किया है. इसके तहत 8 से 14 गांवों के समूह बनाकर उनकी जरूरत के हिसाब से छोटी-छोटी लिफ्ट सिंचाई योजनाएं लागू की जाएंगी. उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को जमा करने के लिए चेक डैम बनाए जाएंगे. इसके बाद इस पानी को ढलान (ग्रेविटी फ्लो) के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा.

गांवों को बाढ़ से बचाने में मदद मिलेगी

गोयल ने कहा कि इस परियोजना के तहत स्वान नदी का चैनलाइजेशन (जलधारा को व्यवस्थित करना) भी किया जाएगा. इससे आसपास के गांवों को बाढ़ से बचाने में मदद मिलेगी और सिंचाई के लिए पानी का बेहतर संरक्षण होगा. सरकार का कहना है कि इस योजना से किसानों की भूजल पर निर्भरता कम होगी, सिंचाई की सुविधा बेहतर होगी और खेती की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी.

परियोजना के पहले चरण में 9 गांवों को शामिल किया गया

मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि परियोजना के पहले चरण में 9 गांवों को शामिल किया गया है. इससे करीब 2,785 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा  मिलेगी. बाकी गांवों को अगले चरणों में इस योजना से जोड़ा जाएगा. वहीं, रूपनगर (रोपड़) से आम आदमी पार्टी के विधायक दिनेश चड्ढा ने कहा कि यह पहली बार होगा जब नूरपुर बेदी के बाढ़ प्रभावित गांवों तक नहर का पानी सिंचाई के लिए पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि अब तक सतलुज नदी और बरसाती नालों की बाढ़ से किसानों को हर साल नुकसान उठाना पड़ता था. नई परियोजना से उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग होगा, किसानों को नियमित सिंचाई मिलेगी और बार-बार आने वाली सिंचाई की समस्या से राहत मिलेगी.

 

Published: 22 Jul, 2026 | 09:16 AM

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