तेलंगाना में कृषि क्षेत्रफल में 70 फीसदी की बढ़ोतरी, 2 करोड़ एकड़ के पार पहुंचा रकबा

तेलंगाना में 2014 के बाद खेती योग्य क्षेत्र में 70 फीसदी वृद्धि हुई है, जिसका श्रेय कलेश्वरम परियोजना और मिशन काकतीय को दिया गया है. राज्य में महिला सशक्तिकरण, डिजिटल रजिस्ट्रेशन और WE-Hub जैसी पहलें सराही गई हैं. धान उत्पादन में तेलंगाना देश में दूसरे स्थान पर है.

Kisan India
नोएडा | Published: 31 Jan, 2026 | 10:30 PM

Agriculture News: तेलंगाना में कृषि क्षेत्रफल में बढ़ोतरी हुई है. खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी वर्ष 2014 के बाद से दर्ज की गई है. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, यह बढ़ोतरी करीब 70 प्रतिशत है, जिसका श्रेय राज्य सरकार की कलेश्वरम परियोजना और मिशन काकतीय को दिया गया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को यह सर्वे रिपोर्ट संसद में पेश की. सर्वे में बताया गया है कि तेलंगाना में खेती का रकबा 2014 में 1.31 करोड़ एकड़ था, जो 2023-24 तक बढ़कर 2.2 करोड़ एकड़ हो गया. यह बदलाव कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना और तालाबों के पुनर्जीवन के लिए शुरू किए गए मिशन काकतीय जैसे बड़े कार्यक्रमों की वजह से संभव हुआ.

रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहतर पैदावार के लिए सिंचाई सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों  के अनुसार फसल चयन और जलवायु-रोधी, उच्च उत्पादक बीजों का इस्तेमाल जरूरी है. हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण ने यह भी संकेत दिया है कि तेलंगाना समेत कई प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में प्रति हेक्टेयर उत्पादन राष्ट्रीय औसत से कम है. हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली पहलों की सराहना की गई है. सर्वे के अनुसार, कई राज्य साझेदारी आधारित नए मॉडल अपनाकर महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ा रहे हैं. इसमें तेलंगाना का WE-Hub खास तौर पर उल्लेखनीय है, जो महिलाओं को स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और निवेशकों से जोड़ने का काम करता है.

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने से जुड़े कई प्रतिबंध हटा दिए

सर्वे में यह भी कहा गया है कि तेलंगाना ने महिलाओं के लिए विभिन्न उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने से जुड़े कई प्रतिबंध हटा दिए हैं. इसके अलावा, राज्य में फायर सेफ्टी नियमों को भी मान्यता प्राप्त थर्ड पार्टी एजेंसियों के माध्यम से सरल बनाया गया है, जिससे प्रक्रियाएं अधिक आसान और पारदर्शी हुई हैं. आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, सात राज्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लगभग 60 फीसदी रोजगार प्रदान करते हैं, जिसमें तेलंगाना का योगदान 5 फीसदी है. इसके आगे तमिलनाडु (15 फीसदी), गुजरात (13 फीसदी), महाराष्ट्र (13 फीसदी), उत्तर प्रदेश (8 फीसदी), कर्नाटक (6 फीसदी) और हरियाणा (6 फीसदी) हैं.

धान उत्पादन में दूसरे स्थान पर है तेलंगाना

सर्वे में यह भी बताया गया है कि राज्य सरकारों ने रजिस्ट्रेशन से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए डिजिटल सिस्टम  शुरू किए हैं. तेलंगाना में एक सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसमें राजस्व, स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग भू भारती पोर्टल के साथ एकीकृत हैं. धान उत्पादन में 2024-25 में तेलंगाना 17.45 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर है.

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Published: 31 Jan, 2026 | 10:30 PM

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