Sheep Farming: भेड़ पालन से किसान कम खर्च में बढ़ा सकते हैं आय, बस करना होगा ये काम

भेड़ पालन किसानों के लिए कम निवेश और अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय बन गया है. सही नस्ल का चुनाव, बाड़ा और चारागाह की व्यवस्था करके किसान दूध, मांस और ऊन से आसानी से लाखों रुपये कमा सकते हैं और खेती के साथ आय बढ़ा सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 31 Jan, 2026 | 09:30 PM

Sheep Farming : आज के समय में किसान सिर्फ खेती पर निर्भर नहीं रहना चाहते. बढ़ती लागत और बदलते मौसम के बीच अगर कोई ऐसा काम हो, जो कम खर्च में ज्यादा मुनाफा दे, तो भेड़ पालन उस पर बिल्कुल फिट बैठता है. गांवों में पहले से मौजूद संसाधनों के सहारे भेड़ पालन आसानी से किया जा सकता है. ठंड के मौसम में ऊन की मांग बढ़ने से यह बिजनेस किसानों के लिए और भी फायदेमंद बन जाता है.

खेती के साथ क्यों फायदेमंद है भेड़ पालन

भेड़ पालन  का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे खेती के साथ आसानी से किया जा सकता है. भेड़ ज्यादातर घास, हरा चारा और खरपतवार खाकर ही पल जाती हैं. इसके लिए महंगे दाने या ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. खेतों के आसपास खाली जमीन, मेड़ या चारागाह भेड़ों के लिए पर्याप्त होते हैं. ग्रामीण इलाकों  में यह रोजगार और कमाई दोनों का अच्छा साधन है.

भेड़ की उन्नत नस्लें, जो देती हैं ज्यादा मुनाफा

भारत में कई ऐसी भेड़ नस्लें हैं, जो दूध, ऊन और मांस तीनों के लिए जानी जाती हैं. मालपुरा, मारवाड़ी, जैसलमेरी, मगरा, गद्दी, चोकला और नाली नस्लें किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. ये नस्लें कम बीमार पड़ती हैं और मौसम के अनुसार खुद को ढाल लेती हैं. सर्दियों में इनसे ऊन की अच्छी कीमत  मिलती है, जिससे आमदनी बढ़ जाती है.

भेड़ पालन की शुरुआत कैसे करें

भेड़ पालन शुरू करने से पहले थोड़ी जानकारी लेना जरूरी है. किसान चाहे तो 2-3 भेड़ों से भी शुरुआत कर सकता है, लेकिन सही मुनाफे के लिए 40-50 भेड़ों से बिजनेस  शुरू करना बेहतर माना जाता है. सरकार भी कई राज्यों में भेड़ पालन पर सब्सिडी देती है, इसलिए सरकारी योजनाओं की जानकारी जरूर लें. एक लाख रुपये के बजट में यह काम आसानी से शुरू किया जा सकता है.

20 भेड़ों के लिए लगभग 500 स्क्वायर फीट जगह काफी होती है. बाड़ा 30–40 हजार रुपये में तैयार हो जाता है. गर्मियों में बाड़ा खुला और छायादार होना चाहिए, जबकि सर्दियों में बंद और गर्म रखने की व्यवस्था जरूरी होती है. भेड़ों के लिए चारागाह बनाना सबसे अच्छा विकल्प है. अगर चारागाह नहीं है, तो हरा चारा और सूखा चारा घर पर भी दिया जा सकता है.

भेड़ पालन से कमाई और फायदे

भेड़ साल में दो बार बच्चे देती है. अच्छी देखभाल होने पर एक मादा से एक बार में दो बच्चे भी मिल सकते हैं. अगर किसान 15 मादा भेड़ों से शुरुआत करता है, तो एक साल में ही भेड़ों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है. एक भेड़ की कीमत 7-8 हजार रुपये तक होती है. इसके अलावा दूध, मांस, ऊन, चमड़ा और जैव खाद से भी कमाई होती है. सही तरीके से किया गया भेड़ पालन किसानों को लाखों रुपये  का मुनाफा दे सकता है.

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Published: 31 Jan, 2026 | 09:30 PM

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