उज्जैन जमीन विवाद पर सियासत तेज, कांग्रेस ने लगाए आरोप.. की निष्पक्ष जांच की मांग

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की उज्जैन मास्टर प्लान क्षेत्र में जमीन खरीद को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और जीतू पटवारी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है और उन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 24 Jun, 2026 | 03:14 PM

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार द्वारा उज्जैन मास्टर प्लान एरिया के आसपास जमीन खरीद को लेकर एक रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है. द इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है. कांग्रेस के वर्षिठ नेता पवन खेड़ा और जीतू पटवारी ने कहा है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए. दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर जमीन खरीद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने परिवार के साथ मिलकर 168 एकड़ जमीन खरीदी है. उनका दावा है कि इनमें से 111 एकड़ जमीन उस इलाके में स्थित है, जहां भविष्य में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 के मास्टर प्लान के तहत विकसित किए जाने वाले क्षेत्र में मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा जमीन खरीदे  जाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. हालांकि, भाजपा इन आरोपों को पहले ही बेबुनियाद और राजनीतिक प्रेरित बता चुकी है.

उज्जैन और अयोध्या धार्मिक स्थल है

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि उज्जैन और अयोध्या सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं हैं, बल्कि इनसे देश-विदेश के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन तीर्थ स्थलों से जुड़े पैसों और संसाधनों में गड़बड़ी करना आस्थावान लोगों के साथ विश्वासघात जैसा है. पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है और मुख्यमंत्री मोहन यादव को इससे जुड़ी योजनाओं और फाइलों की जानकारी रहती है. कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री अपने पद और प्रशासनिक शक्तियों का इस्तेमाल कर जमीन से जुड़े मामलों में प्रभाव डाल सकते हैं.

पवन खेड़ा ने उठाया ये मुद्दा

पवन खेड़ा ने कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद सामने आकर देश को सच्चाई बतानी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर सरकार से किसी कार्रवाई की उम्मीद नहीं है. साथ ही उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विदेश में अलग तरह की गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं, जबकि देश में अलग स्थिति देखने को मिलती है. हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप निराधार, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए झूठे दावे कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, जबकि इन आरोपों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.

जीतू पटवारी ने लगाए गंभीर आरोप

वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की कथित जमीन खरीद  को लेकर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने जमीन खरीदी, और क्या इनमें से अधिकतर जमीन उन इलाकों में है जहां बाद में विकास परियोजनाएं शुरू की गईं. जीतू पटवारी ने यह भी सवाल किया कि क्या सरकार इन सभी परियोजनाओं की टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी. उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ पारदर्शी है तो भाजपा को स्वतंत्र न्यायिक जांच करानी चाहिए और मुख्यमंत्री को वर्ष 2023 के बाद खरीदी गई जमीन को लेकर श्वेतपत्र जारी करना चाहिए.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद दिसंबर 2023 से उनके परिवार और रिश्तेदारों ने करीब 137 भूखंड खरीदे हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 168 एकड़ और कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये जमीनें मुख्य रूप से उन इलाकों में खरीदी गई हैं, जहां विकास परियोजनाओं का सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है. इनमें मुख्यमंत्री की पत्नी, बेटे की पत्नी, भाई, भाभी, भतीजे और चचेरे भाइयों के नाम शामिल बताए गए हैं.

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Published: 24 Jun, 2026 | 03:02 PM

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