आंध्र प्रदेश में बारिश से 23 मंडलों में फसल बर्बाद, किसानों को 6 करोड़ रुपये का नुकसान

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और श्री सत्य साईं जिलों में असमय बारिश और तेज हवा से 701 हेक्टेयर से ज्यादा फसलें बर्बाद हुईं, जिससे 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. केले, आम, संतरा, टमाटर और मक्का सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. मुख्यमंत्री ने दो दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए.

नोएडा | Updated On: 22 Mar, 2026 | 06:38 PM

Andhra Pradesh News: आंध प्रदेश के अनंतपुर और श्री सत्य साईं जिलों में असमय बारिश और तेज हवा ने भारी नुकसान किया, जिससे 701 हेक्टेयर से ज्यादा फसलें तबाह हो गईं. अनंतपुर के 23 मंडलों जैसे कुडेरू, नारपला और राप्ताडू में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. केवल बागवानी फसलों का नुकसान 5 करोड़ रुपये से ज्यादा आंका गया, जबकि कृषि फसलों का नुकसान 1 करोड़ रुपये रहा, कुल मिलाकर लगभग 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. श्री सत्य साईं जिले में 415 हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुईं, 363 किसानों को नुकसान हुआ और आर्थिक हानि 3.19 करोड़ रुपये आंकी गई.

केले, आम, संतरा, पपीता, सरगवा, टमाटर और मक्का सबसे ज्यादा प्रभावित फसलें रहीं. अनंतपुर में 117 हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुईं, नुकसान 4.04 करोड़ रुपये अनुमानित है. अधिकारी नुकसान का विस्तृत सर्वे  कर रहे हैं और मुआवजे के लिए सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे. हालांकि, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को राज्य में असमय बारिश और तेज हवाओं से हुई फसलों के नुकसान की रिपोर्ट दो दिन के अंदर सौंपने का निर्देश दिया है. उन्होंने शुक्रवार को उंडावली में अपने कैंप ऑफिस से जिला कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान फसल नुकसान का जायजा लिया. अधिकारियों ने बताया कि 12 जिलों में फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है.

602 हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद हो गई

बता दें कि  बारिश और तेज हवा चलने से केवल आंध्र प्रदेश में ही फसलों को  नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में फसल भी चौपट हुई है. कल ही खबर सामने आई थी कि कर्नाटक में इस हफ्ते अचानक हुई तेज बारिश, तेज हवा और ओलों के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है. उत्तर और दक्षिण कर्नाटक के कई जिलों के किसान प्रभावित हुए हैं. बलारी जिले में ही 602 हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद  हो गई. कुरुगोडु तालुक में 604 किसानों की 432 हेक्टेयर फसल और सिरुगुप्पा तालुक में 170.3 हेक्टेयर फसल तूफानी बारिश से नष्ट हुई. अथानी तालुक में वज्रपात से भेड़-बकरियों की मौत हुई और आम, अंगूर और केले के बाग भी प्रभावित हुए.

लगभग 2,500 हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद हो गई

बलारी के जिला कलेक्टर नागेंद्र प्रसाद ने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान कुरुगोडु तालुक में हुआ है और प्रशासन नुकसान का आकलन करके किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा. वहीं राज्य रैथा संघ और हसिरु स्ने के अध्यक्ष माधव रेड्डी ने कहा कि वास्तविक नुकसान जिले के प्रशासन के अनुमान से ज्यादा है और लगभग 2,500 हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद हो गई है.

उत्तर प्रदेश में बढ़ी किसानों की चिंता

वहीं, उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज हवा और ओले गिरने से रबी की फसलों को काफी नुकसान  हुआ है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. खासकर खड़ी और कटाई के लिए तैयार गेहूं, सरसों और आलू की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है. मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी और बुंदेलखंड के किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं. दिनभर हुई बारिश और तेज हवाओं ने फसल की कटाई में भी बाधा डाली, जिससे पैदावार और गुणवत्ता पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है. इसके अलावा सरसों की फसल में फंगस लगने का खतरा भी बढ़ गया है.

Published: 22 Mar, 2026 | 10:21 PM

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