बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान, खेतों में जलभराव, IIWBR ने जारी की एडवाइजरी

हरियाणा के करनाल में पांच दिनों में दूसरी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. IIWBR ने किसानों से पानी निकालने और सावधानी बरतने की सलाह दी. देर से बोई फसलें लाभ उठा सकती हैं. BKU ने फसल नुकसान का सर्वेक्षण और मुआवजा देने की मांग की है.

नोएडा | Updated On: 21 Mar, 2026 | 04:23 PM

Haryana Agriculture News: हरियाणा के करनाल जिले में पिछले पांच दिनों में दूसरी बार हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खास कर बारिश के साथ तेज हवा चलने से गेहूं की फसलें जमीन पर गिर गई हैं. इससे उत्पादन और उपज कम होने का डर है. साथ ही फसल की क्वालिटी भी बिगड़ सकती है. हालांकि, बारिश होने से तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है, लेकिन फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है. वहीं, कई खेतों में अधिक बारिश से जलभराव की भी खबर है. ऐसे में भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान (IIWBR) ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान (IIWBR) के वैज्ञानिकों ने किसानों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है. IIWBR के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने द ट्रिब्यून से कहा कि किसानों को अपने निचले खेतों में जमा अतिरिक्त पानी निकाल देना चाहिए. चूंकि हवा की गति कम थी, इसलिए फसल नुकसान की बड़ी चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि कृषि और किसान कल्याण विभाग ने स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है, हालांकि अब तक फसल नुकसान  की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है.

किसानों के लिए एडवाइजरी

वहीं, उप निदेशक कृषि, डॉ वजीर सिंह ने किसानों से कहा कि खेतों में पानी जमा  न होने दें और मौसम की जानकारी के अनुसार सिंचाई और कृषि प्रथाओं का पालन करें. डॉ सिंह ने कहा कि देर से बोई गई फसलें इस बारिश से लाभ उठा सकती हैं, लेकिन समय पर या जल्दी बोई गई फसल वाले किसानों को सतर्क रहना जरूरी है. उन्होंने यह भी बताया कि इस सीजन में अब तक कोई बड़ी बीमारी, जैसे येलो रस्ट या कीट संक्रमण, रिपोर्ट नहीं हुई है और अच्छी उपज की उम्मीद है. वहीं, BKU (सिर छोटू राम) के प्रवक्ता बहादुर सिंह मेहला ने सरकार से मांग की है कि फसल नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाए और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए.

किस जिले में कितनी हुई बारिश

किसानों का कहना है कि इस बार की अनियमित बारिश ने पहले से दब चुकी फसलों की हालत और खराब कर दी है. एक किसान ने कहा कि लगातार बारिश से फसलें दब गई हैं और अगर यह मौसम कुछ दिन और जारी रहा तो गेहूं की उपज कम हो सकती है और अनाज खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा. वहीं, सोनपत में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 14.3°C रिकॉर्ड हुआ, जो औसत से 1.2°C कम है. औसत अधिकतम तापमान भी 2.9°C गिरकर सामान्य से 8.9°C नीचे रहा. भिवानी में अधिकतम तापमान 25°C दर्ज किया गया. हालांकि, बारिश कई जिलों में हुई, जिसमें रोहतक में सबसे ज्यादा 27.4 मिमी, सोनपत 22 मिमी, यमुनानगर 19 मिमी, पानीपत 18.5 मिमी और महेन्द्रगढ़ 14.5 मिमी रही. चारखी दादरी, पलवल, भिवानी, करनाल, अंबाला, गुरुग्राम, झज्जर, सिरसा और हिसार में भी बारिश हुई.

फरीदाबाद में फसल बर्पबादी

फरीदाबाद में भी शुक्रवार सुबह बारिश हुई, जिससे तापमान में तेज गिरावट आई और मार्च की बढ़ती गर्मी से राहत मिली. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अचानक मौसम बदल गया, आसमान बादलों से ढक गया. लेकिन किसानों को इस बारिश से नुकसान उठाना पड़ा. गेहूं की फसल बर्बाद हो गई.

Published: 21 Mar, 2026 | 04:20 PM

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