भारत विश्व फूड बास्केट बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. खाद्यान्न उत्पादन में देश के किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन किया है. चावल पैदा करने में हम दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक बन गए हैं और चीन को भी पीछे छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि देश के 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को आयुष्मान भारत योजना से मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है. पिछले एक दशक में गरीबों के चार करोड़ पक्के घर बने. बीते एक वर्ष में 32 लाख नए घर गरीबों को मिले हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के समक्ष अभिभाषण में देश की विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए यह बातें कहीं.
6 लाख करोड़ रुपये से अधिक किसानों-लाभार्थियों को DBT के जरिए दिए
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार के लिए, एक समृद्ध किसान विकसित भारत के लिए पहली प्राथमिकता है. इसी भावना के साथ, सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजना शुरू की है. उन्होंने कहा कि मेरी सरकार पारदर्शी और ईमानदार व्यवस्थाओं को स्थाई बना रही है. इसी एक वर्ष में सरकार ने, पौने सात लाख करोड़ रुपए से अधिक लाभ DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों को पहुंचाया है.
किसानों की मेहनत को सराहा, चावल में नंबर वन बने
खेती में किसानों की मेहनत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष में भारत ने रिकॉर्ड साढ़े तीन सौ मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन किया है. 150 मिलियन टन उत्पादन के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है. इसके साथ ही ही देश ने चावल उत्पादन में चीन को भी पीछे छोड़ दिया है.
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दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश
राष्ट्रपति ने कहा कि किसानों की ओर से किए गए प्रयासों से दुनियाभर की भूख मिट रही है. उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी बना है. ये ब्लू इकॉनमी में देश की सफलता को दिखाता है. 200 लाख करोड़ से अधिक मछली उत्पादन देश ने दर्ज की है और बीते साल की तुलना में 105 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है. मछलीपालकों के लिए खेत तालाब जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं.
आवास योजना के जरिए 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर दिए
पिछले एक दशक में गरीबों के चार करोड़ पक्के घर बने. बीते एक वर्ष में 32 लाख नए घर गरीबों को मिले हैं. जल जीवन मिशन के पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया. बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है. उज्ज्वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शंस मिले हैं और पिछले वर्ष भी ये अभियान तेजी से आगे बढ़ा है.
दूध उत्पादन क्षेत्र में भारत दुनिया के सबसे सफल देशों में शुमार
दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी भारत दुनिया के सबसे सफल देश के रूप में जाना जाता है. ये सहकारिता आंदोलन की मजबूती का परिणाम है.
देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने भी इस दौरान रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है. मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जैसी फील्ड में भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है. 2025-26 के पहले 5 महीनों में भारत का स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 1 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। इस साल भारत ने सौ से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक व्हीकल का निर्यात शुरू किया है.
For my government, a prosperous farmer is its first priority for Viksit Bharat. With this spirit, the government launched a scheme like PM Kisan Samman Nidhi. pic.twitter.com/fkf33Zcqwr
— President of India (@rashtrapatibhvn) January 28, 2026
11 करोड़ से ज्यादा गरीबों का मुफ्त इलाज आयुष्मान योजना से हुआ
गरीब मरीजों के लिए प्रारम्भ की गयी आयुष्मान भारत योजना से बीते वर्ष तक, देश भर के अस्पतालों में 11 करोड़ से अधिक मुफ्त इलाज किए जा चुके हैं. इस योजना के तहत बीते वर्ष ढाई करोड़ गरीबों को मुफ्त इलाज मिला है। बीते लगभग डेढ़ वर्ष में करीब एक करोड़ बुजुर्गों को वय वंदना कार्ड जारी किए गए हैं. इनकी मदद से करीब 8 लाख बुजुर्गों ने अस्पताल में भर्ती रहते हुए अपना मुफ्त इलाज कराया है. आज देश में बने 1 लाख 80 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की वजह से मरीजों को घर के पास इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ है.
पीएम सुरक्षा जैसी योजनाओं से नागरिकों को क्लेम में 24 हजार करोड़ रुपये दिए
मेरी सरकार हर नागरिक को बीमा सुरक्षा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और पीएम सुरक्षा बीमा योजना की इसमें बड़ी भूमिका है. इन योजनाओं से करोड़ों जरूरतमंद नागरिकों को बीमा कवरेज मिला है. इनके तहत 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक का क्लेम भी दिया गया है. ये योजनाएं संकट के समय करोड़ों गरीबों का संबल बनी हैं.