यूपी समेत कई राज्यों में बारिश से इन फसलों को फायदा.. फुटान और उपज बढ़ेगी, किसान ये सावधानियां बरतें

January Rain How Benefits to Crops: गाजियाबाद कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि जनवरी में हल्की और सीमित बारिश फसलों के लिए लाभकारी साबित होगी. फसलों में कल्लों का फुटान बढ़ेगा, पौधे की ग्रोथ तेज होगी. हालांकि, उन्होंने किसानों को कुछ सावधानियां बरतने की भी सलाह दी है.

नई दिल्ली | Updated On: 23 Jan, 2026 | 10:52 AM

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के साथ ही दिल्ली, हरियाणा के कई हिस्सों में शुक्रवार की तड़के सुबह से बारिश दर्ज की गई है. मौसम विज्ञान विभाग ने 26 जनवरी तक कई राज्यों में बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है. ऐसे यह बारिश किसानों की कई फसलों के लिए फायदेमंद बन गई है तो वहीं कुछ फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है. कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बारिश वाले इलाकों के किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा, ताकि फसल को नुकसान न पहुंचे.

हल्की बारिश से आलू को फायदा पर सावधानी हटी तो नुकसान तय

गाजियाबाद कृषि विज्ञान केंद्र कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि जनवरी में हल्की और सीमित बारिश आलू की फसल के लिए आमतौर पर फायदेमंद मानी जाती है. इससे खेत में नमी बनी रहती है, कंद (आलू) का आकार अच्छा होता है और सिंचाई का खर्च घट जाता है. वहीं, ठंड के साथ हल्की नमी से उत्पादन बढ़ सकता है.

उन्होंने किसानों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिन इलाकों में लगातार या ज्यादा बारिश हो जाए तो खेत में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे आलू सड़ने लगते हैं और झुलसा रोग (लेट ब्लाइट) का खतरा बढ़ जाता है. जबकि, अगेती किस्मों की आलू की बुवाई करने वाले किसानों के यहां कटाई जल्दी शुरू हो जाती है और अगर जनवरी में आलू की खुदाई के समय बारिश होगी तो आलू की क्वालिटी प्रभावित होगी. ऐसे में किसानों को इन मुश्किलों से बचने के लिए उपाय करने चाहिए

जनवरी की हल्की बारिश गेहूं का उत्पादन बढ़ाएगी

जनवरी की हल्की बारिश गेहूं के लिए काफी लाभकारी होती है, खासकर जब फसल में कल्ले निकलने और बढ़वार की अवस्था में हों. इससे मिट्टी में नमी बढ़ती है, दाने भरने की प्रक्रिया मजबूत होती है और पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है. यह बारिश प्राकृतिक सिंचाई का काम करती है. हालांकि, अगर बारिश के साथ तेज हवा, ओलावृष्टि या लंबे समय तक बादल रहें, तो फसल गिर सकती है और रोगों का खतरा बढ़ सकता है, जिससे नुकसान भी हो सकता है.

नई गन्ना फसल के पौधों को मजबूती मिलेगी

गन्ना किसानों के लिए जनवरी में सामान्य या हल्की बारिश फसल पर मिलाजुला असर डालती है. हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बनी रहती है और बढ़वार को सहारा मिलता है, खासकर नई बोई गई या शुरुआती अवस्था की फसल को फायदा होता है. लेकिन ज्यादा बारिश या जलभराव की स्थिति में जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और लाल सड़न व फंगल रोगों का खतरा बढ़ जाता है. ठंड के मौसम में अत्यधिक नमी गन्ने की बढ़वार को धीमा भी कर सकती है, जिससे कुल उत्पादन प्रभावित हो सकता है.

अगले 20 दिन सिंचाई की जरूरत नहीं

कृषि विशेषज्ञ ने कहा कि आलू, गेहूं और गन्ना फसलों को अब अगले 20 दिन तक पानी की जरूरत नहीं पड़ने वाली है. इसलिए किसान फसल में सिंचाई न करें और खेत में मिट्टी खोदकर उसकी नमी जरूर चेक करें. उसके अनुसार की सिंचाई करें. अगले कुछ दिनों तक तेज हवा चलने से गेहूं और गन्ना की नई फसल के गिरने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में किसान खेत में सिंचाई बिल्कुल भी नहीं करें.

Published: 23 Jan, 2026 | 10:49 AM

Topics: