Bihar Crop Assistance : खेती-किसानी हमेशा से कुदरत के भरोसे रही है. कभी बेमौसम बारिश, तो कभी पाला और ओला किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती है. लेकिन बिहार के किसानों के लिए अब चिंता की बात नहीं है. सहकारिता विभाग ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत रबी 2025-26 मौसम के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. एक सब के लिए, सब एक के लिए के मंत्र के साथ शुरू हुई यह योजना किसानों को आर्थिक संबल देने का एक बड़ा जरिया बन रही है.
10 हजार रुपये तक की सहायता
अक्सर देखा जाता है कि फसल बर्बाद होने पर किसान कर्ज के बोझ तले दब जाता है. इसी दर्द को समझते हुए बिहार सरकार ने सहायता राशि का प्रावधान किया है. यदि प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल का उत्पादन 20 फीसदी तक कम होता है, तो सरकार किसान को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर देगी. वहीं, अगर नुकसान 20 फीसदी से ज्यादा होता है, तो यह राशि बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी जाएगी. एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की सहायता पाने का हकदार है, जिससे छोटे और मंझोले किसानों को सीधा फायदा होगा.
15 फसलों पर मिलेगी सुरक्षा
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें सिर्फ मुख्य अनाज ही नहीं, बल्कि दलहन, तिलहन और सब्जियों को भी शामिल किया गया है. चाहे आप गेहूं और मकई उगा रहे हों, या फिर आलू, टमाटर, बैंगन और गोभी जैसी सब्जियां, सरकार हर कदम पर आपके साथ है. ईख (गन्ना) और प्याज उगाने वाले किसान भी इस सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकते हैं. खास बात यह है कि किसान एक साथ एक से ज्यादा फसलों का चयन भी कर सकते हैं.
डिजिटल दौर में आवेदन हुआ आसान
अब दफ्तरों के चक्कर काटने का जमाना लद गया. कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर निबंधित किसान सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के समय बस आपको अपनी फसल और बुआई के क्षेत्र की जानकारी देनी है. एक नई और जरूरी शर्त यह है कि आपको अपने खेत की दो-तीन फोटो (जियो टैगिंग के साथ) अपलोड करनी होगी. यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि असली हकदार किसान तक ही मदद पहुंचे. नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्र के किसान भी इस योजना के लिए पूरी तरह योग्य हैं.
फसल और आवेदन की अंतिम तिथि
किस फसल के लिए कब तक आवेदन करना है, इसकी पूरी लिस्ट नीचे दी गई है. समय का ध्यान रखें ताकि अवसर हाथ से न निकले-
| क्र.सं. | अधिसूचित फसल | आवेदन की अंतिम तिथि |
|---|---|---|
| 1 | राई-सरसों, आलू | 31 जनवरी 2026 |
| 2 | चना, मसूर, रबी प्याज | 15 फरवरी 2026 |
| 3 | गेहूं, रबी मकई, ईख, रबी टमाटर | 28 फरवरी 2026 |
| 4 | रबी अरहर, रबी बैंगन, मिरचाई, गोभी | 31 मार्च 2026 |
इन कागजातों का रखें ख्याल
सरकार ने योजना का दायरा काफी बड़ा रखा है. इसमें जमीन के मालिक (रैयत) और बटाईदार (गैर-रैयत) दोनों आवेदन कर सकते हैं. रैयत किसानों को अद्यतन भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) या रसीद देनी होगी. वहीं, गैर-रैयत किसानों को सिर्फ एक स्व-घोषणा पत्र देना होगा, जिस पर वार्ड सदस्य या किसान सलाहकार के हस्ताक्षर होंगे. योजना की राशि सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में (DBT के जरिए) भेजी जाएगी, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म हो गया है.