प्याज किसानों के समर्थन में शिवसेना (UBT) का विरोध- प्रदर्शन, समृद्धि एक्सप्रेसवे पर जाम.. 80 के खिलाफ FIR
महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) ने प्याज किसानों के समर्थन में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शन किया. प्याज कीमतों में भारी गिरावट और सरकारी नीतियों के विरोध में हुए इस आंदोलन में सड़क जाम हुआ और पुलिस ने कार्रवाई की. किसानों ने MSP 2000 रुपये, NAFED से खरीद और सब्सिडी बढ़ाने की मांग की. आंदोलन से यातायात प्रभावित रहा.
Onion Mandi Rates: महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) प्याज किसानों के समर्थन में उतर गई है. पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्याज की गिरती कीमत के विरोध में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर विरोध-प्रदर्शन किया. इससे एक्सप्रेसवे पर लगभग 30 मिनट तक यातायात बाधित रहा. ऐसे में राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी. खास बात है कि यह विरोध- प्रदर्शन शिवसेना (UBT) के MLA अंबादास दानवे के नेतृत्व में किया गया.
यह प्रदर्शन वैजापुर के निकास नंबर 19 के पास किया गया, जहां किसानों ने प्याज की कीमतों में तेज गिरावट और सरकार की कथित निष्क्रियता के खिलाफ विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़क के दोनों ओर का रास्ता रोक दिया, जिससे कई वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें अंबादास दानवे भी शामिल थे. इस घटना के कारण कुछ समय तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा.
कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा कि हाईवे को बाधित करने के आरोप में 46 नामजद और 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुई इस घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार राठौड़ ने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन से आम लोगों की जान को खतरा हो सकता है, इसलिए इसे अनुमति नहीं दी जा सकती.
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राज्यातील कांदा उत्पादक शेतकऱ्यांच्या प्रश्नांवर शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) पक्षाच्या वतीने आज समृद्धी महामार्गावर छत्रपती संभाजीनगर येथे शिवसेना नेते आमदार अंबादास दानवे ह्यांच्या नेतृत्वाखाली चक्काजाम आंदोलन केले.
राज्यातील कांदा उत्पादक शेतकऱ्यांना सातत्याने कमी भाव मिळत… pic.twitter.com/klpVQFdvZ2— ShivSena – शिवसेना Uddhav Balasaheb Thackeray (@ShivSenaUBT_) May 18, 2026
कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया
वहीं वैजापुर पुलिस निरीक्षक सत्यजीत तैतवाले ने बताया कि मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें बीएनएस की धारा 125, 126(2), 182(2), 190, 221, 223 और 285 शामिल हैं. हिरासत में लिए गए लोगों को बाद में नोटिस देकर छोड़ दिया गया. पुलिस ने पहले ही इस आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया था. शिवसेना (यूबीटी) केधी अक्षय साठे और मनाजी मिसाल ने शुक्रवार को अधिकारियों से मिलकर रास्ता रोको आंदोलन की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे मंजूरी नहीं दी.
किसान और मजदूर एक्सप्रेसवे पर इकट्ठा हो गए
इसके बावजूद MLA अंबादास दानवे के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता, किसान और मजदूर बड़ी संख्या में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. कई प्रदर्शनकारी प्याज की माला पहनकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. जैसे-जैसे जामबरगांव इंटरचेंज के पास आंदोलन तेज हुआ, हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और क्विक रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
किसानों तक नहीं पहुंच रही सब्सिडी
इस दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए MLA अंबादास दानवे ने कहा कि किसानों की समस्याएं उठाने के लिए अनुमति लेना जरूरी नहीं होता. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित 12.35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी किसानों तक ठीक से नहीं पहुंच रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि किसानों को असल में प्रति किलो केवल 50 पैसे से 1 रुपये तक ही मिल रहा है और कई मामलों में बाजार शुल्क कटने के बाद उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है.
MLA अंबादास दानवे ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्याज की खरीद 12 रुपये प्रति किलो तय करने का फैसला तब लिया, जब किसान पहले ही अपनी आधे से ज्यादा फसल मजबूरी में सड़कों पर फेंक चुके थे. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के खिलाफ नारेबाजी का नेतृत्व भी किया.
प्याज के रेट में गिरावट
वहीं, प्रदर्शन में शामिल किसानों ने बताया कि कई बाजारों में प्याज के दाम गिरकर 100 रुपये से 200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, जिससे खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है. कुछ किसानों ने यह भी कहा कि कम दाम मिलने के बावजूद उन्हें कृषि उपज मंडी समितियों में अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है, जिससे उनका नुकसान और बढ़ गया है.
2,000 रुपये क्विंटल MSP की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्याज की तुरंत खरीद NAFED के जरिए की जाए. साथ ही उन्होंने 2,000 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), 1,500 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी, प्याज के निर्यात को जारी रखने, उर्वरक पर सीधी सब्सिडी ट्रांसफर, भंडारण सुविधाओं पर 75 फीसदी सब्सिडी और अच्छी गुणवत्ता वाले बीज रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की मांग की.