कृषी मंत्री का ऐलान, 1235 रुपये क्विंटल प्याज की खरीदी.. इस वजह से कीमतों में आई गिरावट

केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की प्याज खरीद घोषणा के बावजूद राज्य के किसानों में खास उत्साह नहीं दिखा. महाराष्ट्र में एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी माने जाने वाले लासलगांव के किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा तय 1,235 रुपये प्रति क्विंटल का खरीद भाव काफी कम है. महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ (MSOGA) ने दावा किया कि यह कीमत किसानों की लागत भी पूरी नहीं कर पा रही है.

Kisan India
नोएडा | Published: 16 May, 2026 | 12:52 PM

Onion procurement: प्याज की गिरती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए 12.35 रुपये प्रति किलो यानी 1,235  रुपयये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदने का फैसला किया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के सतारा में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बने संकट की वजह से प्याज निर्यात प्रभावित हुआ है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ प्याज की गिरती कीमतों के मुद्दे पर चर्चा की है. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से प्याज निर्यात प्रभावित हुआ है, जिससे बाजार में कीमतें गिर गई हैं. किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार से ताजा प्याज की खरीद 12.35 रुपये प्रति किलो की दर से करने का फैसला लिया है. चौहान ने कहा कि सरकार किसानों का पूरा प्याज खरीदेगी  और उन्हें हरसंभव समर्थन देगी. इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) को जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. बाद में कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी प्याज खरीद की इस घोषणा को दोहराया.

किसानों ने की मुआवजा देने की मांग

केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की प्याज खरीद घोषणा के बावजूद राज्य के किसानों में खास उत्साह नहीं दिखा. महाराष्ट्र में एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी माने जाने वाले लासलगांव के किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा तय 1,235 रुपये प्रति क्विंटल का खरीद भाव काफी कम है. महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ (MSOGA) ने दावा किया कि यह कीमत किसानों की लागत भी पूरी नहीं कर पा रही है. संगठन ने सरकार से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय करने की मांग की है. साथ ही, पिछले कुछ महीनों में कम दाम पर प्याज बेचने वाले किसानों को मुआवजा देने की मांग  भी की गई है. किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करेंगे.

नासिक में जारी प्रेस विज्ञप्ति में महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले ने सरकार के खरीद फैसले को ‘किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने’ जैसा बताया. उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार ने सिर्फ 1,235 रुपये प्रति क्विंटल का खरीद भाव तय किया है, जो बेहद कम, किसानों के साथ अन्याय करने वाला और किसान विरोधी फैसला है.

3,000 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य की मांग

भारत दिघोले ने कहा कि साल 2023 में प्याज की कीमतों में गिरावट के बाद किसानों के आंदोलन  के चलते उस समय के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2,410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदने की घोषणा की थी. उन्होंने सवाल उठाया कि अब जब फडणवीस मुख्यमंत्री हैं और पिछले तीन सालों में खाद, बीज, मजदूरी, कीटनाशक, बिजली, परिवहन और भंडारण की लागत काफी बढ़ चुकी है, तब सरकार किसानों को उससे आधे से भी कम भाव क्यों दे रही है. दीघोले ने कहा कि अगर 2023 में 2,410 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया जा सकता था, तो 2026 में कम से कम 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य क्यों नहीं तय किया जा सकता.

भारत दिघोले ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

भारत दिघोले ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब साल 2023 में सरकार 2,410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीद सकती थी, तो अब 2026 में बढ़ती महंगाई के दौर में सिर्फ 1,235 रुपये प्रति क्विंटल का भाव क्यों दिया जा रहा है. उन्होंने पूछा कि सरकार आखिर किसके हित में यह फैसला ले रही है. प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि घोषित खरीद मूल्य किसानों की उत्पादन लागत तक नहीं निकाल पा रहा है. दीघोले ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने खरीद दर में बढ़ोतरी नहीं की, तो महाराष्ट्र भर के प्याज किसान आंदोलन करेंगे.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़