Tip Of The Day: एक ही फसल से दोहरी कमाई, इस खेती से 3 महीने में बंपर मुनाफा, जानें पूरा गणित
Dhania Ki Kheti: धनिया की खेती कम समय और कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है. इसे साल में दो बार उगाया जा सकता है और हरे व सूखे दोनों रूप में बेचकर किसान डबल कमाई कर सकते हैं. सही मिट्टी, उचित बीज तैयारी और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर 90-110 दिनों में अच्छी पैदावार (10-15 क्विंटल/हेक्टेयर) हासिल की जा सकती है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी संभव है.
Coriander Farming Profit: अगर आप ऐसी फसल की तलाश में हैं जो कम खर्च में जल्दी मुनाफा दे, तो धनिया आपके लिए किसी छुपे खजाने से कम नहीं है. आज के दौर में जहां खेती की लागत बढ़ती जा रही है, वहीं धनिया एक स्मार्ट विकल्प बनकर सामने आया है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे साल में दो बार उगाया जा सकता है और किसान इसे हरे पत्तों के रूप में भी बेच सकते हैं और सूखे मसाले के रूप में भी यानि एक ही फसल से दोहरी कमाई का मौका.
खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी और मौसम
धनिया की अच्छी पैदावार के लिए उपजाऊ दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. मिट्टी का pH स्तर 6.2 से 6.8 के बीच होना चाहिए. खेत में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होना बेहद जरूरी है, क्योंकि पानी रुकने से फसल खराब हो सकती है. इसकी खेती जून-जुलाई के मौसम में आसानी से की जा सकती है. इसके अलावा, रबी सीजन में भी इसे उगाकर किसान साल में दो बार उत्पादन ले सकते हैं.
बीज की तैयारी और बुवाई का सही तरीका
अच्छी पैदावार के लिए बीज की सही तैयारी बहुत जरूरी है. बुवाई से पहले बीज को हल्का रगड़कर दो हिस्सों में तोड़ लेना चाहिए. इसके बाद इन्हें 10–12 घंटे तक पानी में भिगोकर बोने से अंकुरण बेहतर होता है.
- प्रति एकड़ बीज की मात्रा: 8-10 किलो
- प्रति हेक्टेयर बीज की मात्रा: 10-15 किलो
बुवाई के दौरान कतार से कतार की दूरी 30 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखना उचित रहता है. इससे पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और उत्पादन बेहतर होता है.
फसल की अवधि और उत्पादन
धनिया की फसल आमतौर पर 90 से 110 दिनों में तैयार हो जाती है. अगर किसान बीज (सूखा धनिया) के लिए खेती कर रहे हैं, तो पूरी तरह पकने के बाद कटाई करनी चाहिए. उत्पादन की बात करें तो एक हेक्टेयर में 10 से 15 क्विंटल तक पैदावार आसानी से मिल सकती है, जो किसानों के लिए अच्छा मुनाफा सुनिश्चित करती है.
डबल कमाई का मौका
धनिया की सबसे बड़ी खासियत है कि इससे दो तरह से कमाई की जा सकती है:
- हरा धनिया बेचकर – बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, जिससे तुरंत नकद आमदनी हो जाती है.
- सूखा धनिया (बीज) बेचकर – इसे सुखाकर लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और अच्छे दाम मिलने पर बेचा जा सकता है.
इस तरह किसान एक ही फसल से दोहरा लाभ कमा सकते हैं.
कम लागत, ज्यादा मुनाफा
धनिया की खेती में लागत अपेक्षाकृत कम आती है. इसमें ज्यादा खाद, पानी या देखभाल की जरूरत नहीं होती. यही कारण है कि यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी एक लाभदायक विकल्प बनती जा रही है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सही तकनीक और समय पर बुवाई करने से धनिया की खेती से शानदार लाभ कमाया जा सकता है. खासकर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के किसान इस फसल को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं.
अगर किसान कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो धनिया की खेती उनके लिए एक स्मार्ट विकल्प है. सही मिट्टी, सही बीज और सही तकनीक के साथ यह फसल कम लागत में अच्छी कमाई का जरिया बन सकती है.