देश में तंबाकू उत्पादन घटेगा? केंद्र ने दूसरी 15 फसलों को उगाने की सलाह दी.. नए खेती मॉडल तैयार
Tobacco Production India: केंद्र सरकार ने किसानों से तंबाकू की उपज छोड़ने की अपील की है. इसके अलावा उनसे हाइब्रिड और उन्नत किस्मों वाली 15 फसलों की खेती करने का सुझाव दिया है. बता दें कि तंबाकू उत्पादन के बाद लगभग 50 फीसदी से ज्यादा खपत देश में ही हो जाती है.
केंद्र सरकार ने किसानों को तंबाकू की जगह दूसरी फसलों की उन्नत किस्मों के उत्पादन की सलाह दी है. ऐसे में देश का कुल तंबाकू उत्पादन घटने की चिंता बढ़ गई है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि तंबाकू जैसी हानिकारक फसल की जगह किसान दूसरी लाभदायक फसलों जैसे हाईब्रिड मक्का, मिर्च शकरकंद, रागी समेत करीब 15 फसलों को उगाने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि छोटी जोत वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत खेती समेत कई नए खेती मॉडल विकसित किए गए हैं, जिन्हें अपनाकर किसान लाभ हासिल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसानों को गेहूं-धान की फसलों का एमएसपी बढ़ाया गया है और तेजी से मंडियों में उपज की खरीद भी की जा रही है.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक सभा में बताया कि मोदी सरकार ने केवल किसानों से तंबाकू की खेती छोड़ने की अपील नहीं की, बल्कि जिन क्षेत्रों में ये उगाई जाती है, वहां हाइब्रिड मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, फीड बीन, लोबिया, रागी, रेड ग्राम, गन्ना, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली जैसी लाभकारी फसलों को मजबूत विकल्प के रूप में चिन्हित किया गया है ताकि किसानों की नकदी आमदनी सुरक्षित रहे.
देश में तंबाकू उत्पादन और खपत
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने टोबैको बोर्ड के हवाले से बताया है कि भारत का तंबाकू उत्पादन बीते कुछ सालों में देश में तंबाकू का उत्पादन और घरेलू खपत में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. इंडिया टोबैको मार्केट (IMARC) की रिपोर्ट के अनुसार आंकड़े साल 2021 लगभग 7.57 लाख टन तंबाकू का उत्पादन हुआ था, जो 2025 में बढ़कर 8.2 लाख टन के पार पहुंच गया. वहीं, तंबाकू की घरेलू खपत 5 लाख टन हो गई है. जबकि, निर्यात लगभग 3 लाख टन के आसपास है. ऐसे में सरकार के ताजा फैसले से तंबाकू का उत्पादन घटेगा, जिससे युवाओं को नशाखोरी से बचाने में भी मदद मिलेगी.
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नए खेती मॉडल को अपनाएं किसान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में अधिकांश किसानों के पास छोटी जोत है, ऐसे में छोटे किसानों के लिए केवल एक फसल पर निर्भर रहना जोखिम भरा है. इसलिए सरकार ने एकीकृत खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) के कई मॉडल तैयार कर विभिन्न राज्यों में उनका डेमो शुरू किया है. इन मॉडलों के तहत किसान अनाज (गेहूं, धान), सब्जियां, फल, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और कृषि वानिकी जैसी गतिविधियां एक साथ अपनाकर साल भर स्थिर और बेहतर आमदनी अर्जित कर सकते हैं.
गेहूं-धान समेत कई कई फसलों का एमएसपी बढ़ाया
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए गेहूं, धान, दलहन और तिलहन सहित सभी प्रमुख फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है और वर्तमान सीजन में एमएसपी पर फसलों की ऐतिहासिक खरीदी जारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने तुअर, मसूर और उड़द जैसी दलहन फसलों के लिए यह व्यवस्था की है कि किसान पंजीयन कराकर जितना भी बेचने के लिए लाएंगे, सरकार पूरी खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे दाल उत्पादक किसानों को बड़ा सहारा मिला है.