गेहूं किसान ध्यान दें! MSP का चाहिए फायदा तो 7 मार्च से पहले करें ये काम, 2,585 रुपये क्विंटल पर खरीदेगी सरकार
Wheat Procurement 2026: मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन इसके लिए समय तेजी से निकल रहा है. MP सरकार 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के MSP पर खरीदी करेगी. इसके लिए अगर आपने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, तो यहां जान लें अंतिम तारीख और पूरी प्रक्रिया की अहम जानकारी.
Wheat Procurement: मध्य प्रदेश के किसान भाइयों के लिए अहम सूचना है. रबी मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया जारी है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 7 मार्च तय की गई है. निर्धारित समय के भीतर पंजीयन कराना जरूरी है, ताकि किसान समर्थन मूल्य का लाभ ले सकें. अब तक राज्य में 1 लाख 81 हजार 793 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है. सरकार ने बाकी किसानों से भी अपील की है कि वे समय सीमा से पहले प्रक्रिया पूरी करें.
पूरे प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीयन व्यवस्था को सरल बनाया गया है. प्रदेशभर में कुल 3186 पंजीयन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को दूर-दराज न जाना पड़े और आसानी से रजिस्ट्रेशन हो सके. केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल घोषित किया है. यह पिछले साल की तुलना में ₹160 अधिक है.
इस बढ़ोतरी से किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. बढ़ी हुई MSP से लागत निकालने के साथ-साथ बेहतर मुनाफा भी संभव होगा.
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किस संभाग में कितने किसान हुए पंजीकृत?
प्रदेश के अलग-अलग संभागों में रजिस्ट्रेशन की स्थिति इस प्रकार है:
- इंदौर: 27,175 किसान
- उज्जैन: 73,398 किसान
- ग्वालियर: 3,358 किसान
- चंबल: 1,449 किसान
- जबलपुर: 12,342 किसान
- नर्मदापुरम: 11,698 किसान
- भोपाल: 41,268 किसान
- रीवा: 3,242 किसान
- शहडोल: 726 किसान
- सागर: 7,137 किसान
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उज्जैन और भोपाल संभाग में सबसे ज्यादा किसान पंजीयन करा चुके हैं.
2,585 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बेचने के लिए करें रजिस्ट्रेशन
कहां होगा मुफ्त रजिस्ट्रेशन?
सरकार ने किसानों के लिए नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई है. किसान निम्न स्थानों पर बिना किसी शुल्क के रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं:
- ग्राम पंचायत
- जनपद पंचायत कार्यालय के सुविधा केंद्र
- तहसील कार्यालय के सुविधा केंद्र
- सहकारी समितियां और सहकारी विपणन संस्थाओं के पंजीयन केंद्र
यह व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर किसान भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पंजीयन कर सकें.
कहां देनी होगी फीस?
यदि किसान निजी या डिजिटल माध्यम से पंजीयन कराते हैं, तो वहां निर्धारित शुल्क देना होगा. ये स्थान हैं:
- एमपी ऑनलाइन कियोस्क
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- लोक सेवा केंद्र
- निजी साइबर कैफे
सरकार ने साफ किया है कि शुल्क केवल इन निजी माध्यमों पर ही लागू होगा.
किसानों को SMS से दी जा रही सूचना
जिन किसानों ने पिछले रबी और खरीफ सीजन में रजिस्ट्रेशन कराया था और जिनके मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें SMS के जरिए जानकारी भेजी जा रही है. इसके अलावा ग्राम पंचायतों में सूचना पट्ट पर नोटिस चस्पा करने, डोंडी पिटवाने और मंडी स्तर पर बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि कोई भी किसान जानकारी के अभाव में वंचित न रह जाए. समर्थन मूल्य का लाभ लेने के लिए 7 मार्च से पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है.
समय सीमा के बाद पंजीयन बंद हो जाएगा. ऐसे में किसान भाइयों के लिए यह जरूरी है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना पंजीयन सुनिश्चित करें, ताकि 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के MSP का लाभ उठाया जा सके.