केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में फंड की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऐसे राजनीतिक नेताओं की जरूरत है जो गांवों, गरीबों और किसानों के लिए ईमानदारी से काम करें. उन्होंने कहा कि उनके पास पौराणिक “द्रौपदी की थाली” है, जो सभी को खाना खिला सकती है और यह सुनिश्चित कर सकती है कि कोई भूखा न रहे. उन्होंने कहा कि अगर किसानों की आय बढ़ेगी तो वे अपने गांव नहीं छोड़ेंगे. किसानों को सिर्फ अन्नदाता ही नहीं बनाए रखना है हमें उन्हें इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देकर ऊर्जादाता बनाना होगा.
मध्य प्रदेश के विदिशा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि इस देश में पैसे की कोई कमी नहीं है. फंड की कोई कमी नहीं है. जरूरत इस बात की है कि राजनीतिक नेता गांवों, गरीबों और किसानों के लिए ईमानदारी से काम करें. उन्होंने विदिशा में 4,400 करोड़ रुपये की आठ सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया और शिलान्यास किया.
द्रौपदी की थाली की कहानी
केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि मेरे पास ‘द्रौपदी की थाली’ है. कितने भी लोग आ जाएं. एक भी व्यक्ति भूखा नहीं लौटेगा, हम सबको खाना खिलाएंगे, यह मैं वादा कर सकता हूं.” ‘द्रौपदी की थाली’ महाभारत से जुड़ी है और ‘अक्षय पात्र’ पर आधारित है, जो कृष्ण ने द्रौपदी को दिया था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जब पांडव वनवास में थे, तब आए संतों को भरपेट खाना मिले, भले ही उस समय घर में खाना न हो.
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बीते कुछ समय में विदर्भ में 10 हजार किसानों ने आत्महत्या की
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले समय में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आर्थिक संकट और अन्य कारणों से 10,000 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की थी, उन्होंने कहा कि शायद आपको पता न हो कि मेरे 90 प्रतिशत काम किसानों पर केंद्रित हैं. मैंने अपना जीवन यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित कर दिया है कि किसान आत्महत्या न करें. मैंने इसे अपना मिशन बना लिया है.
किसानों को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनाना होगा
उन्होंने कहा कि देश का किसान न केवल अन्नदाता यानी भोजन देने वाला है, बल्कि उसे ऊर्जा, विमानन ईंधन और बिटुमेन देने वाला भी बनना चाहिए, उन्होंने फसल उगाने वालों को “ऊर्जादाता” कहा. उन्होंने कहा कि नागपुर में किसान इथेनॉल का उत्पादन कर रहे हैं, जबकि भारत 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन आयात करता है.
किसानों की आय बढ़ेगी तो वे अपने गांव नहीं छोड़ेंगे
उन्होंने कहा कि अगर किसानों की आय बढ़ेगी तो वे अपने गांव नहीं छोड़ेंगे. गडकरी ने कहा कि देश में विकास कार्यों के लिए फंड की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऐसे समर्पित लोगों की कमी है जो गांवों, गरीबों और किसानों के लिए ईमानदारी से काम करें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लक्ष्य भारत को एक ग्लोबल लीडर, तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और आखिरकार दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनाना है.
ट्रीट करके टॉइलेट का पानी बेचकर 300 करोड़ कमाये
उन्होंने कहा कि MP कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में मध्य प्रदेश शामिल है, और इसके बासमती चावल और शरबती गेहूं दुनिया भर में मशहूर हैं. गडकरी ने कहा कि उनके गृहनगर नागपुर ने सिर्फ ट्रीटेड टॉयलेट के पानी को बेचकर 300 करोड़ रुपये कमाए और कहा कि अगर देश में सही नेता हों, तो कचरे को भी दौलत में बदला जा सकता है.