Onion Farming : खेत हो या गार्डन, प्याज के बेरन लगाते समय ये तरीका अपनाया तो पैदावार होगी तगड़ी
रबी सीजन में प्याज की खेती किसानों के लिए मुनाफे का अच्छा जरिया बन सकती है. सही समय पर रोपाई, पौधों की उचित दूरी और पानी की सही निकासी से फसल मजबूत बनती है. थोड़ी सी सावधानी से प्याज का साइज बड़ा होता है और पैदावार भी बेहतर मिलती है.
Onion Farming : खेत में जब आलू की खुदाई खत्म होती है, तो किसान अगली फसल की तैयारी में जुट जाते हैं. इन्हीं दिनों रबी सीजन की प्याज खेती का काम भी तेज हो जाता है. प्याज ऐसी फसल है, जो सही तरीके से लगाई जाए तो किसान को अच्छा मुनाफा दे सकती है. लेकिन रोपाई के वक्त की गई छोटी सी गलती पूरी फसल पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में जरूरी है कि प्याज के बेरन लगाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए.
प्याज की खेती क्यों मानी जाती है फायदेमंद
रबी सीजन में प्याज की खेती किसानों के लिए आमदनी का मजबूत जरिया मानी जाती है. बाजार में प्याज की मांग सालभर बनी रहती है, इसलिए इसकी कीमत भी ठीक-ठाक मिल जाती है. अगर फसल अच्छी हो और साइज बड़ा निकले, तो मुनाफा और बढ़ जाता है. लेकिन इसके लिए सही समय पर रोपाई और सही देखभाल बेहद जरूरी होती है.
खेत की तैयारी से तय होती है फसल की सेहत
प्याज की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी सबसे पहला और जरूरी कदम है. खेत की मिट्टी भुरभुरी और उपजाऊ होनी चाहिए. प्याज की खेती सीधे बीज से नहीं होती, बल्कि पहले नर्सरी तैयार की जाती है. वहां तैयार हुए छोटे पौधों को बाद में खेत में लगाया जाता है. रबी सीजन में आमतौर पर जनवरी के आसपास रोपाई की जाती है. सही तरीके से तैयार खेत में लगाए गए बेरन जल्दी जमते हैं और पौधे मजबूत बनते हैं.
बेरन लगाते समय दूरी का रखें खास ध्यान
अक्सर किसान जल्दबाजी में प्याज के बेरन बहुत पास-पास या बहुत दूर-दूर लगा देते हैं. इसका सीधा असर पैदावार और प्याज के आकार पर पड़ता है. अगर पौधे पास-पास होंगे, तो उन्हें फैलने की जगह नहीं मिलेगी. वहीं, ज्यादा दूरी होने पर खेत का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता. बेहतर पैदावार के लिए एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच लगभग 10 इंच की दूरी रखना सही माना जाता है. इससे पौधे खुलकर बढ़ते हैं और प्याज का साइज बड़ा होता है.
रोपाई के वक्त इन बातों से बचें गलती
नर्सरी से बेरन निकालते समय ध्यान रखें कि जड़ों में हल्की मिट्टी लगी हो. बेरन निकालने के बाद उन्हें ज्यादा देर तक खुले में न रखें. जितना जल्दी हो सके, तुरंत खेत में रोपाई कर दें. ज्यादा देर खुला रहने से पौधे कमजोर हो सकते हैं. रोपाई करते समय पौधों को ज्यादा गहराई में न दबाएं, इससे उनकी बढ़वार रुक सकती है.
पानी की निकासी सही होगी तो फसल रहेगी सुरक्षित
प्याज की खेती में पानी का सही प्रबंधन बेहद जरूरी है. खेत में पानी जमा होना प्याज के पौधों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इससे जड़ सड़ने और फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए खेत में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. जरूरत से ज्यादा पानी आने पर तुरंत बाहर निकलने का रास्ता होना चाहिए, ताकि पौधे सुरक्षित रहें.
सही देखभाल से बढ़ेगा मुनाफा
प्याज की खेती में थोड़ी सी समझदारी और सही जानकारी से बड़ा फायदा लिया जा सकता है. सही दूरी पर बेरन लगाना, समय पर रोपाई करना और पानी की सही व्यवस्था रखना-ये तीन बातें अगर ठीक रहीं, तो फसल अच्छी होगी. इससे न सिर्फ प्याज की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि साइज भी बड़ा होगा. अच्छी फसल का सीधा फायदा किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी के रूप में सामने आता है.