तमिलनाडु में हालिया भारी बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने मुआवजा राशि जारी कर दी है. फसलों को हुए नुकसान, जलभराव और खेतों की क्षति को ध्यान में रखते हुए प्रभावित जिलों के किसानों के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि ट्रांसफर की गई है. सरकार का कहना है कि प्राथमिक सर्वे के आधार पर पात्र किसानों की पहचान की गई है और जिन इलाकों में नुकसान अधिक हुआ है, वहां प्राथमिकता के साथ भुगतान किया जा रहा है. इस मुआवजे से किसानों को दोबारा खेती शुरू करने, बीज-खाद की व्यवस्था करने और आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने 111 करोड़ राशि जारी की
तमिलनाडु में भी भारी बारिश और चक्रवात के कारण फसल नुकसान को देखते हुए सरकार ने किसानों को मुआवजा राशि जारी करना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 111.96 करोड़ की राशि राज्य के लगभग 84,848 बाढ़-बारिश प्रभावित किसानों के बैंक खातों में सीधे भेज दी है. प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये की दर से सहायता राशि दी जा रही है.
5.66 लाख एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं
तमिलनाडु सरकार ने गुरुवार को कहा कि उसने एक सरकारी आदेश जारी किया है, जिसमें 2025 में उत्तर-पूर्वी मानसून और चक्रवात दितवाह के कारण 1.39 लाख एकड़ में कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को राहत देने के इरादे से 111.96 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. राज्य सरकार ने कहा कि नवंबर और दिसंबर 2024 में उत्तर-पूर्वी मानसून और जनवरी 2025 में बेमौसम बारिश के कारण कुल 5.66 लाख एकड़ में उगाई गई कृषि और बागवानी फसलें प्रभावित हुईं.
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चार जिलों के किसानों को सर्वाधिक नुकसान का आकलन
अधिकारियों ने बेमौसमी बारिश और मौसम विकृति के कारण लगभग 5.66 लाख एकड़ कृषि एवं बागवानी फसलों में नुकसान का आकलन किया है. इसमें लगभग 4.90 लाख एकड़ कृषि फसलें और 76,132 एकड़ बागवानी फसलें शामिल हैं. बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान का आकलन नागापट्टिनम, मईलादुतुरै, तिरुवरूर, कूडलोरिची आदि जिलों में किया गया है.
खाद-बीज खरीदने और नई फसल बुवाई कर पाएंगे किसान
सरकार की यह पहल मुआवजा (relief) सीधे बैंक खातों में भेजने की प्रणाली से की जा रही है ताकि किसान जल्द से जल्द आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकें, और फसल नुकसान का सामना करने के लिए आवश्यक खर्च जैसे बीज, खाद, बुवाई आसानी से कर सकें. राज्य ने इससे पहले भी मॉनसून दौरान नुकसान का आकलन किया था और SDRF (State Disaster Relief Fund) के तहत राहत देने की प्रक्रिया जारी रखी है.