CM सैनी का बड़ा ऐलान, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 एकड़ जमीन पर बनेगा कृषि संस्थान

हरियाणा में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा के मठाना गांव में 10 एकड़ में नया कृषि संस्थान बनाने की घोषणा की. इसमें स्नातक, परास्नातक और पीएचडी कोर्स होंगे. कैथल-यमुनानगर चार लेन सड़क की भी घोषणा की गई.

Kisan India
नोएडा | Published: 1 Mar, 2026 | 09:16 AM

Haryana News: हरियाणा में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके लिए सरकार की तरफ से नई-नई योजनाओं का ऐलान किया जा रहा है. साथ ही किसानों को सब्सिडी भी दी जा रही है. इसी बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा स्थित मठाना गांव में 10 एकड़ जमीन पर ऑर्गेनिक खेती और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली का एक नया कृषि संस्थान बनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस संस्थान में कृषि विज्ञान से जुड़े स्नातक, परास्नातक और पीएचडी कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे युवाओं को आधुनिक और जैविक खेती के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे.

सैनी ने एक लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए कैथल से यमुनानगर तक धांड, पिपली और रादौर के रास्ते चार लेन सड़क बनाने की भी घोषणा की. यह सड़क एनएच-152डी, एनएच-44 और शामली एक्सप्रेसवे को जोड़ेगी. ये घोषणाएं लाडवा अनाज मंडी में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कृषि विकास मेले के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान की गईं.

लाडवा में 16.2 करोड़ रुपये की लागत बनेगा उपमंडल सचिवालय

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा में 16.2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए उपमंडल सचिवालय भवन की आधारशिला रखी. इसके अलावा उन्होंने 6.85 करोड़ रुपये  की लागत से बनने वाली लोक निर्माण विभाग (PWD) की नौ सड़कों का भी शिलान्यास किया. सैनी ट्रैक्टर पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वविद्यालय और किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और किसानों को स्मृति चिन्ह व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया.

कृषि अनुसंधान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए

उन्होंने घोषणा की कि कृषि विकास मेला अब हर साल लाडवा में आयोजित किया जाएगा. सैनी ने कहा कि कृषि अनुसंधान केवल प्रयोगशालाओं  तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को हर खेत और हर किसान तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद ही खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है. यह मेला किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण, उन्नत बीज, नई तकनीक और वैज्ञानिक सलाह से जोड़ने का मजबूत मंच है.

इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा के श्री राम कुंडी धर्मशाला सभागार में राज्य स्वास्थ्य विभाग  द्वारा आयोजित ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने में मदद करेगी और उनके स्वास्थ्य व आत्मविश्वास को मजबूत करेगी.  सैनी ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से की है.

पांच लड़कियों को HPV वैक्सीन लगाई गई

अभियान के पहले दिन मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पांच लड़कियों को HPV वैक्सीन लगाई गई, जबकि स्वास्थ्य केंद्र में 35 लड़कियों को टीका लगाया गया. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बरोट गांव में 3.68 करोड़ रुपये की लागत से बने नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का भी उद्घाटन किया. वहीं करनाल में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने जिला नागरिक अस्पताल में राष्ट्रीय एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. यह अभियान जिले में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा है.

हरियाणा में एक लाख एकड़ में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य

बता दें कि हरियाणा में 2025-26 तक प्राकृतिक खेती  का लक्ष्य 1 लाख एकड़ तक बढ़ाने का है. सरकार ने इसे बढ़ावा देने के लिए 2022 से ‘प्राकृतिक खेती पोर्टल’ शुरू किया था. देसी गाय पालन करने वाले किसानों को 25,000 रुपये और प्राकृतिक सामग्री बनाने के लिए 4 ड्रम खरीदने पर 3,000 रुपये की सहायता दी जाती है. गुरुग्राम और हिसार में ऑर्गेनिक और प्राकृतिक उत्पादों के लिए विशेष मंडियां बनाई जा रही हैं. हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी (HSSCA) को PGS-India के तहत प्रमाणन दिया गया है. सरकार को उम्मीद है कि प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों की कमाई में बढ़ोतरी होगी.

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