Farming Tips: कड़ाके की ठंड में फसल और पशु दोनों खतरे में! कृषि विभाग की ये सलाह मान ली तो बच जाएगा भारी नुकसान

Agriculture Advisory: उत्तर भारत में बढ़ती ठंड और पाले को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है गेहूं, सरसों, मटर, सब्जियों और फलों की फसलों के साथ-साथ पशुपालन और मुर्गी पालन में भी खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है समय पर सिंचाई, रोग-कीट नियंत्रण और पशुओं की देखभाल से ठंड में होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है

नोएडा | Updated On: 26 Jan, 2026 | 06:15 PM

Tips For Farmers: उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. शीतलहर और पाले का सीधा असर न सिर्फ फसलों पर पड़ता है, बल्कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर भी इसका असर देखने को मिलता है. इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. विभाग का कहना है कि अगर ठंड के मौसम में समय पर सिंचाई, निराई-गुड़ाई, खाद प्रबंधन और रोग-कीट नियंत्रण किया जाए, तो नुकसान से बचते हुए उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है.

गेहूं, जौ और दलहनी फसलों की देखभाल

गेहूं की फसल में दूसरी सिंचाई बुवाई के 40-45 दिन बाद, जब कल्ले निकल रहे हों, करनी चाहिए. वहीं तीसरी सिंचाई 60-65 दिन बाद गांठ बनने की अवस्था में लाभकारी रहती है. चूहों से बचाव के लिए जिंक फास्फाइड से बने चारे या एल्युमिनियम फास्फाइड की टिकिया का प्रयोग किया जा सकता है.

जौ की फसल में दूसरी सिंचाई 55-60 दिन बाद गांठ बनने की अवस्था पर करें. चना और जौ में उकठा रोग से बचाव के लिए बुवाई से पहले ट्राइकोडर्मा को सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर भूमि शोधन करना उपयोगी माना गया है.

मटर, सरसों और मक्का के लिए सलाह

गन्ना, बरसीम और सब्जियों की खेती

फलों, फूलों और सगंध पौधों की देखभाल

फलदार बागों में निराई-गुड़ाई और साफ-सफाई करें. आम, अमरूद, पपीता और लीची के बागों में समय पर सिंचाई जरूरी है. आंवला के पौधों में उम्र के अनुसार गोबर खाद और उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करें. गुलाब और मेंथा की खेती में निराई-गुड़ाई और रोपाई के कार्य समय पर पूरे करें.

पशुपालन और मुर्गी पालन में सावधानी

ठंड के मौसम में पशुओं को टाट या बोरे से ढककर रखें और पशुशाला को सूखा रखें. दाने की मात्रा बढ़ाएं और आवश्यक टीकाकरण जरूर कराएं. वहीं अंडा देने वाली मुर्गियों को संतुलित लेयर फीड देने के साथ चूजों को पर्याप्त गर्मी और रोशनी उपलब्ध कराना जरूरी है.

 

Published: 26 Jan, 2026 | 06:28 PM

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