केंद्र सरकार का बड़ा फैसला.. जम्मू-कश्मीर में बनेगा 100 करोड़ का एक्वा पार्क, मंत्री राजीव रंजन ने बताईं खूबियां

जम्मू-कश्मीर में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने अनंतनाग जिले में 100 करोड़ रुपये का एकीकृत एक्वा पार्क बनाने की मंजूरी दी है. इससे मछली उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. सरकार ने शीत-जल मत्स्य पालन के विकास के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की है.

नोएडा | Published: 15 Mar, 2026 | 11:34 AM

Jammu Kashmir Fisheries: जम्मू-कश्मीर में मछली पालन के क्षेत्र को नई रफ्तार मिलने वाली है. केंद्र सरकार ने अनंतनाग जिले में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े एकीकृत एक्वा पार्क को मंजूरी दी है. इससे न सिर्फ मछली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे. इस घोषणा के साथ ही शीत-जल मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की गई है.

अनंतनाग में बनेगा 100 करोड़ का आधुनिक एक्वा पार्क

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में 100 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत एक्वा पार्क  परियोजना को मंजूरी देने की घोषणा की. यह पार्क मछली पालन से जुड़े पूरे सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए बनाया जाएगा. इस परियोजना के जरिए मछली उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक लाने और मछली किसानों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया जाएगा. खासकर ठंडे पानी वाली मछलियों के पालन को बढ़ावा देने के लिए यह पार्क अहम भूमिका निभाएगा.

श्रीनगर में आयोजित हुआ शीत-जल मत्स्य पालन सम्मेलन

यह घोषणा श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान की गई. यह कार्यक्रम शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित हुआ, जहां देशभर के विशेषज्ञ, अधिकारी और मछली पालन  से जुड़े लोग शामिल हुए. इस मौके पर शीत-जल मत्स्य पालन के विकास के लिए मॉडल दिशानिर्देश भी जारी किए गए. इन दिशानिर्देशों का मकसद हिमालयी क्षेत्रों में मछली पालन को और बेहतर बनाना है ताकि किसान ज्यादा उत्पादन और ज्यादा कमाई कर सकें.

मछली किसानों और समितियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई मछली किसानों, सहकारी समितियों और स्टार्टअप को सम्मानित किया गया. इनमें सर्वश्रेष्ठ मत्स्य सहकारी समितियों, प्रगतिशील मछली किसानों और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लाभार्थियों को पुरस्कार दिए गए. इनमें बारामूला और कुपवाड़ा की कई समितियों को सामूहिक मछली पालन और बाजार से जुड़ाव मजबूत करने के लिए सम्मानित किया गया. सरकार का कहना है कि ऐसे प्रयासों से दूसरे किसान भी प्रेरित होंगे और मछली पालन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

जम्मू-कश्मीर बन सकता है शीत-जल मत्स्य पालन का बड़ा केंद्र

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक रूप से ठंडे पानी की मछलियों के लिए बेहद उपयुक्त है. इसलिए जम्मू-कश्मीर में शीत-जल मत्स्य पालन के विकास की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ब्रूडस्टॉक विकास, हैचरी, फीड मिल और आरएएस जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए इस क्षेत्र को मजबूत बना रही है. साथ ही मछली किसानों  को बेहतर बाजार और सुविधाएं देने पर भी जोर दिया जा रहा है.

ट्राउट मछली से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि ट्राउट जैसी ठंडे पानी की मछलियों की विदेशों में काफी मांग है. इसलिए उत्पादन बढ़ाकर और बेहतर प्रोसेसिंग व मार्केटिंग करके किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने मछली किसानों से सहकारी समितियों और एफपीओ के माध्यम से संगठित होने की अपील की. उनका कहना है कि अनंतनाग में बनने वाला एक्वा पार्क और सरकारी फंडिंग से स्थानीय कारोबारियों  और किसानों को अपने काम का विस्तार करने का अच्छा मौका मिलेगा. सरकार का मानना है कि इन कदमों से जम्मू-कश्मीर में मछली पालन का क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ेगा और यह राज्य शीत-जल मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश का एक बड़ा केंद्र बन सकता है.

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