UP Budget 2026: योगी सरकार ने कृषि योजनाओं के लिए दिया 10888 करोड़, दूध उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा

दुग्ध विकास के अंतर्गत वित्त मंत्री ने बताया कि सहकारी क्षेत्र के तहत प्रदेश में 19 दुग्ध संघों के माध्यम से दुग्धशाला विकास कार्यक्रम  चलाया जा रहा है. मथुरा में पहले 30 हजार लीटर क्षमता की नवीन डेयरी परियोजना प्रस्तावित की गयी थी, लेकिन इसे संशोधित करते हुये 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव है.

Kisan India
नोएडा | Published: 11 Feb, 2026 | 06:30 PM

UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों को मजबूत बनाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र पर खास जोर दिया गया है. इस बार कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत ज्यादा है. इसके अलावा पशुधन, मत्स्य, खाद्य एवं रसद और उद्यान विभाग के लिए भी बड़ी धनराशि रखी गई है.

वित्त मंत्री ने बताया कि 2026-27 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. यूपीएग्रीज परियोजना के तहत एक्वा कल्चर की आधारभूत संरचना मजबूत करने के लिए 155 करोड़ रुपये से विश्वस्तरीय हैचरी और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे. इसी परियोजना के अंतर्गत एग्री-एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए 245 करोड़ रुपये और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के लिए रिवॉल्विंग फंड योजना में 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कृषकों के डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना के लिए 637 करोड़ 84 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है. नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फॉर्मिंग योजना सभी जनपदों के 94,300 हेक्टेयर में संचालित है. इस योजना के लिए बजट में 298 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.

विद्युत आपूर्ति के लिए बजट में 2,400 करोड़ का आवंटन

सुरेश खन्ना ने सदन में बताया कि किसानों के निजी नलकूपों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति  के लिए बजट में 2,400 करोड़ रुपये दिए गए हैं. उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 के तहत प्रदेश में सीड पार्क विकास परियोजना के लिए 251 करोड़ रुपये और पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए लगभग 103 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बजट में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2,832 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. यह वर्ष 2025-2026 के सापेक्ष 7 प्रतिशत से अधिक है. राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन योजना के लिए 715 करोड़ तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए 478 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2022 के क्रियान्वयन के लिए 300 करोड़ रुपये तो मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.

दुग्ध विकास के अंतर्गत वित्त मंत्री ने बताया कि सहकारी क्षेत्र के तहत प्रदेश में 19 दुग्ध संघों के माध्यम से दुग्धशाला विकास कार्यक्रम  चलाया जा रहा है. मथुरा में पहले 30 हजार लीटर क्षमता की नवीन डेयरी परियोजना प्रस्तावित की गयी थी, लेकिन इसे संशोधित करते हुये 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव है. सरकार ने इसके लिए बजट में 23 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है. दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना के तहत प्रस्तावित दुग्ध संघों में 220 नई दुग्ध समितियों के गठन तथा 450 दुग्ध समितियों के पुनर्गठन का कार्य प्रस्तावित है. इसके लिए 107 करोड़ रुपये की व्यवस्था हुई है.

गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित हैं

खन्ना ने बताया कि प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित हैं. इसके अतिरिक्त 155 वृहद गो- संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं. मुख्यमंत्री सहभागिता योजना तथा पोषण मिशन के तहत 1,13,631 पशुपालकों को 1,81,418 गोवंश सुपुर्द किये गये हैं. इन्हें भरण पोषण के लिए 50 रुपये की दर से डीबीटी के माध्यम से सीधे भुगतान किया जा रहा है. छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ तथा वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 253 करोड़ तथा पशु चिकित्सालयों/पशु संघ केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 155 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. प्रदेश में पहली बार मोबाइल वेटरेनरी यूनिट की स्थापना भारत सरकार की अम्ब्रेला स्कीम पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत सम्मिलित की गयी है.

मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा

सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना  के तहत पुरुष व महिला घटक के लिए क्रमशः 195 करोड़ तथा 115 करोड़ की व्यवस्था की गई है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना के लिए बजट में 190 करोड़ रुपये दिए गए हैं. राज्य सरकार द्वारा अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. वहीं, खाद्य एवं रसद की योजनाओं के लिये बजट में लगभग 20,124 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. अन्नपूर्ति योजना के लिए 15,480 करोड़, निःशुल्क एलपीजी सिलिंडर रीफिलिंग योजना के लिए 1,500 करोड़ तथा अन्नपूर्णा भवन के निर्माण के लिये 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था इस बजट में प्रस्तावित की गई है.

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