पंजाब में चीनी मिलों को पेराई के लिए नहीं मिल रहा गन्ना, अब कर्मचारी खुद कर रहे किसानों से संपर्क

पंजाब में शुगर मिलों को बाढ़ से गन्ना उत्पादन कम होने और मजदूरों की कमी के कारण गन्ना आपूर्ति में कठिनाई हो रही है. मिलों की क्षमता बढ़ चुकी है, लेकिन खेती के रकबे में वृद्धि और मशीनीकरण योजना की जरूरत महसूस हो रही है ताकि कटाई लागत कम हो सके.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 11 Feb, 2026 | 05:05 PM

Punjab News: पंजाब में चल रहे गन्ना पेराई सीजन के दौरान शुगर मिलों को अपनी क्षमता के अनुसार गन्ना नहीं मिल पा रहा है. गन्ना बेल्ट में आई बाढ़ के कारण उत्पादन घट गया है, जिससे यह स्थिति बनी है. कमी को पूरा करने के लिए निजी मिलों का प्रबंधन और कर्मचारी खुद किसानों से संपर्क कर गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं. पिछले सीजन की शुरुआत में करीब 2.35 लाख एकड़ में गन्ने की बुआई हुई थी. इनमें से लगभग 40,000 एकड़ क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुआ. बाकी क्षेत्र में भी प्रति एकड़ पैदावार में 40 से 50 क्विंटल तक की गिरावट आई. सामान्य परिस्थितियों में गन्ने की उपज 340 क्विंटल प्रति एकड़ होती है, जो अब घटकर करीब 300 क्विंटल रह गई है.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में सालाना औसत गन्ना उत्पादन  लगभग 780 लाख क्विंटल है, जिसमें से करीब 630 लाख क्विंटल मिलों तक पेराई के लिए पहुंचता है. इनमें से 470 लाख क्विंटल निजी मिलें प्रोसेस करती हैं, जबकि शेष सहकारी मिलों में जाता है.  पंजाब में कुल 15 शुगर मिलें हैं, जिनमें से 9 सहकारी क्षेत्र की और 6 निजी प्रबंधन के तहत चल रही हैं. कुल गन्ना पेराई में सहकारी मिलों की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है, जबकि बाकी पेराई निजी मिलें करती हैं. सहकारी मिलें गुरदासपुर, बटाला, अजनाला, भोगपुर, नकोदर, नवांशहर, बुडेवाल, मोरिंडा और फाजिल्का में स्थित हैं. वहीं निजी मिलें खन्ना, बुट्टर सेवियां, किरी अफगाना, मुकेरियां, दसूहा और फगवाड़ा में हैं.

राज्य में गन्ने की बुवाई शुरू हो गई है

गन्ना आयुक्त ने कहा कि मिलों की पेराई क्षमता  काफी बढ़ गई है, इसलिए जरूरत पूरी करने के लिए गन्ने के रकबे में बढ़ोतरी करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि नई रोपाई शुरू हो चुकी है और 30,000 से 40,000 एकड़ तक क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. बुट्टर सेवियां में शुगर मिल चलाने वाले राणा इंदर प्रताप सिंह ने कहा कि इस सीजन में पैदावार घटने के अलावा एक बड़ी समस्या कटाई में देरी की भी है, जो मजदूरों की कमी के कारण हो रही है.

कटाई के लिए मशीनीकृत प्रणाली लागू करनी चाहिए

उन्होंने कहा कि राज्य को गन्ने की कटाई के लिए मशीनीकृत प्रणाली लागू करनी चाहिए, क्योंकि हाथ से काम करने वाले मजदूरों पर ज्यादा निर्भरता एक बड़ी कमी बन गई है. उनके अनुसार, पंजाब को तीन साल की मशीनीकरण योजना  बनानी चाहिए, क्योंकि कुल फसल लागत का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा मजदूरी पर खर्च होता है. उन्होंने कहा कि मशीनीकरण से फसल लागत में 10 से 12 प्रतिशत तक कमी आ सकती है. पहले कटाई के मौसम में उत्तर प्रदेश और बिहार से पारंपरिक मजदूर आते थे, लेकिन अब उनकी कमी हो गई है, इसलिए समयबद्ध योजना बनाना जरूरी है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 11 Feb, 2026 | 04:55 PM

लेटेस्ट न्यूज़

This How Dangerous Diseases Spread Poultry Farms Bihar Government Warns Poultry Farmers

मुर्गी फार्म में ऐसे फैलती हैं खतरनाक बीमारियां, बिहार सरकार ने पोल्ट्री किसानों को दी चेतावनी

Sanjay Singh Launches Scathing Attack On Modi Government Raises Questions About Cylinder Prices And Oil Purchases From Russia

संजय सिंह का मोदी सरकार पर तीखा हमला, सिलेंडर कीमत और रूस से तेल खरीद को लेकर उठाए सवाल

Before Buying Dairy Cow Or Buffalo Check Teeth Udder And Eyes Identify Them

दुधारू गाय-भैंस खरीदने से पहले देखें दांत.. थन और आंखों की पहचान, सही पशु चुनकर बढ़ाएं दूध उत्पादन और मुनाफा

Uttarakhand Budget Provides Significant Relief Livestock Farmers With 42 Crore Allocated For Animal Husbandry Schemes

उत्तराखंड बजट में पशुपालन योजनाओं के लिए 42 करोड़ रुपये का ऐलान, दूध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर

In 2026 Uttarakhand Budget Dhami Government Announced Major Boost Agriculture And Fisheries With A Total Rs 1 11 Lakh Crore

उत्तराखंड बजट 2026 में धामी सरकार का 1.11 लाख करोड़ का बड़ा ऐलान, कृषि और मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा

Punjab Police Lathicharge On Farmers During Kisan Mazdoor Morcha Protest In Gurdaspur Farmer Leaders Angry Over Police Action

पंजाब में किसानों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, पगड़ी गिराने का आरोप.. मान सरकार के खिलाफ नारेबाजी