क्या आपका पशु मिट्टी खाता है या बार-बार बीमार पड़ता है? जानिए मिनरल मिक्सचर का बड़ा फायदा
पशुओं में बार-बार बीमारी, मिट्टी खाना या दूध कम देना शरीर में खनिजों की कमी का संकेत हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक सही मात्रा में मिनरल मिक्सचर देने से पशुओं की सेहत बेहतर रहती है, दूध उत्पादन बढ़ता है और प्रजनन क्षमता भी मजबूत होती है. नियमित देखभाल से पशुपालकों को बेहतर फायदा मिल सकता है.
Animal Health: गांवों में कई पशुपालक अक्सर ये शिकायत करते हैं कि उनका पशु बार-बार बीमार पड़ रहा है, दीवार चाटता है, मिट्टी खाता है या समय पर हीट में नहीं आ रहा. कई लोग इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह शरीर में जरूरी खनिजों की कमी का संकेत हो सकता है. बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार पशुओं को सिर्फ हरा चारा और भूसा खिलाना काफी नहीं होता. उनके शरीर को कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक और दूसरे जरूरी मिनरल्स भी चाहिए होते हैं. यही कमी पूरी करने के लिए मिनरल मिक्सचर बेहद जरूरी माना जाता है.
पशु क्यों चाटता है मिट्टी और दीवार
बिहार पशुपालन विभाग के मुताबिक अगर पशु मिट्टी खाता है या दीवार चाटता है तो यह शरीर में मिनरल्स की कमी का साफ संकेत हो सकता है. कई बार पशु कमजोर होने लगता है, बाल रूखे हो जाते हैं और दूध भी कम देने लगता है. कुछ पशु बार-बार बीमार पड़ते हैं और दवाइयों का असर भी जल्दी नहीं दिखता. बिहार पशुपालन विभाग का कहना है कि शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर पशुओं का व्यवहार बदलने लगता है. यही वजह है कि पशुपालकों को ऐसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय रहते सही देखभाल करने से पशु को स्वस्थ रखा जा सकता है.
मिनरल मिक्सचर क्यों है जरूरी
जिस तरह इंसानों को शरीर मजबूत रखने के लिए विटामिन और पोषण की जरूरत होती है, उसी तरह पशुओं को भी मिनरल्स की जरूरत पड़ती है. लेकिन सामान्य चारे और भूसे में सभी जरूरी तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते. ऐसे में मिनरल मिक्सचर शरीर की कमी को पूरा करने का काम करता है. विभाग के अनुसार, रोजाना करीब 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर पशुओं को देना चाहिए. इसे दाने या चारे में मिलाकर आसानी से खिलाया जा सकता है. नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने से पशु ज्यादा सक्रिय और स्वस्थ रहते हैं. इससे उनकी रोगों से लड़ने की ताकत भी बढ़ती है.
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दूध बढ़ाने और प्रजनन में मददगार
मिनरल मिक्सचर का सबसे बड़ा फायदा दूध उत्पादन में देखने को मिलता है. इससे दूध की मात्रा बढ़ सकती है और फैट भी बेहतर हो सकता है. डेयरी का काम करने वाले किसानों के लिए यह काफी फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा पशु समय पर हीट में आता है और हर साल बच्चा देने की क्षमता बेहतर होती है. कई पशुपालकों को ब्याने के बाद जेर नहीं गिरने की समस्या होती है, लेकिन मिनरल्स की सही मात्रा मिलने पर यह खतरा कम हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पशु स्वस्थ रहेगा तो उसकी प्रजनन क्षमता भी मजबूत रहेगी. इससे पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
गर्मी में पशुओं का रखें खास ध्यान
गर्मी के मौसम में पशुओं को ज्यादा परेशानी होती है. ऐसे समय में शरीर में कमजोरी और पानी की कमी जल्दी हो सकती है. इसलिए पशुओं को साफ पानी, पौष्टिक आहार और मिनरल मिक्सचर देना बेहद जरूरी हो जाता है. पशुपालन विभाग के अनुसार पशुओं को छायादार जगह पर रखना चाहिए और समय-समय पर उनकी जांच भी करवानी चाहिए. अगर पशु सुस्त दिखे या खाना कम खाए तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छा मिनरल मिक्सचर डेयरी व्यवसाय की असली ताकत है. अगर पशुपालक रोजाना सही मात्रा में इसका इस्तेमाल करें तो पशु लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं और दूध उत्पादन भी बेहतर हो सकता है.