Mandi Bhav: लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान, मंडी में 6 रुपये किलो हुआ आलू.. भारी नुकसान

पंजाब में आलू की कीमतों में तेज गिरावट ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. स्थानीय बाजार में LR किस्म के आलू सिर्फ 6 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं, जबकि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में बड़ी कंपनियों से तय दाम 12 रुपये या उससे ज्यादा है. बारिश और स्टॉक बढ़ने से दबाव और बढ़ा है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 25 Jan, 2026 | 07:40 AM

Punjab News: पंजाब में आलू किसानों की मुसीबत बढ़ गई है. बाजार में आलू की कीमतें गिरने से किसान अपनी लागत भी पूरा नहीं निकाल पा रहे हैं. कई किसान कुछ कॉरपोरेट खरीदारों की अनिश्चित खरीद नीति से भी परेशान हैं. प्रदेश के कई इलाकों में आलू की खुदाई शुरू हो चुकी है और जैसे ही मौसम साफ होगा, फरवरी में इसकी खुदाई की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है. अभी आलू का रेट 6 रुपये किलो चल रहा है. ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है.

शुक्रवार को हुई सर्दियों की पहली बड़ी बारिश और अगले बुधवार को फिर बारिश के अनुमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. जहां यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं तैयार आलू की फसल  के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. किसानों का कहना है कि स्थानीय बाजारों में उन्हें इस समय आलू का दाम सिर्फ 6 रुपये प्रति किलो मिल रहा है, जबकि वे 12 रुपये प्रति किलो की उम्मीद कर रहे थे. कोल्ड स्टोरेज में पिछले सीजन का स्टॉक बचा होना और आलू की खेती का रकबा बढ़ने से मांग कमजोर पड़ी है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है.

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग अभी भी किसानों के लिए सहारा

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि स्नैक्स उद्योग की बड़ी कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग अभी भी कई किसानों के लिए सहारा बनी हुई है, लेकिन कुछ छोटी कंपनियां समय पर खरीद करने से बच रही हैं. कमजोर मांग और बाजार में बने नकारात्मक माहौल के चलते ये कंपनियां पीछे हटती नजर आ रही हैं. वहीं, बड़ी स्नैक्स कंपनियां प्रोसेसिंग के लिए पंजाब के किसानों पर निर्भर हैं और लेडी रोसेटा (LR) जैसी किस्मों के आलू की खरीद करती हैं या किसानों से खास किस्में उगाने को कहती हैं.

आलू का भाव सिर्फ 6 रुपये किलो है

कई बड़ी स्नैक्स कंपनियां किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज  और तकनीकी मार्गदर्शन देती हैं और इसके बदले में उन्हें फसल की पहली खरीद का अधिकार और तय कीमत मिलती है. अमलोह के रानेवाल गांव के आलू किसान मंजीत सिंह के मुताबिक, इस साल आलू की खेती के लिए रकबा बढ़ने के कारण बाजार में कीमतें गिर गई हैं. कई किसान गेहूं की जगह आलू उगाने लगे, जिससे लेडी रोसेटा (LR) किस्म के आलू का भाव 10 रुपये प्रति किलो की बजाय सिर्फ 6 रुपये पर आ गया. उन्होंने कहा कि इस समय फसल की खुदाई अभी शुरू हुई है और सामान्यत: इस सीजन में मांग बढ़ती है, लेकिन इस साल वह नहीं दिख रही. वहीं, शुक्रवार की भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी. बारिश की वजह से फसल की खुदाई रुकी और खेतों में खड़ा पानी निकालना मुश्किल हो गया.

किसान कंपनी को आलू 12.80 रुपये प्रति किलो में सप्लाई करते हैं

नाभा के 100 एकड़ में आलू उगाने वाले गुरतेज सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी से तय कीमत का अनुबंध है, इसलिए उन्हें दाम की चिंता नहीं है, लेकिन बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया. वे चिप्स बनाने वाली कंपनी को 12 मिमी के आलू 12.80 रुपये प्रति किलो में सप्लाई करते हैं. वहीं, स्थानीय बाजार में LR किस्म के आलू किसानों को सिर्फ 6 रुपये प्रति किलो में बेचना पड़ रहा है. फतेहगढ़ साहिब के पालविंदर सिंह ने कहा कि बड़ी कंपनियां अपने अनुबंधों का पालन कर रही हैं, लेकिन छोटे स्थानीय व्यापारी अभी खरीद में हिचकिचा रहे हैं.

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Published: 25 Jan, 2026 | 07:34 AM

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