हिमाचल में मिल्क यूनियन खोलने का ऐलान, किसानों को मिलेगी ट्रेनिंग.. इतने जिलों को होगा फायदा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 2026-27 के बजट में गाय के दूध का दाम 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है. डेयरी सेक्टर में किए गए सुधारों से गांवों में डेयरी समितियों से जुड़ने वालों की संख्या 27,498 से बढ़कर 39,790 हो गई है, जबकि सक्रिय डेयरी सहकारी समितियों की संख्या 583 से बढ़कर 758 तक पहुंच गई है.
Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए खुशखबरी है. राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि कांगड़ा में नया मिल्क यूनियन बनाया जाएगा. यह कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिलों को कवर करेगा. इससे दूध संग्रह, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग व्यवस्था बेहतर होगी. साथ ही किसानों को साफ-सुथरा दूध उत्पादन और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से पशुपालक किसानों को फायदा होगा. उनकी कमाई में बढ़ोतरी होगी.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है. खासकर किसानों और दुग्ध उत्पादकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि दूध उत्पादकों को हर महीने करीब 34.18 करोड़ रुपये का लाभ दिया जा रहा है, जो अब तक का सबसे ज्यादा है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य डेयरी को गांवों के लिए भरोसेमंद और मुनाफे वाला रोजगार बनाना है. इसके लिए दूध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं.
2.7 लाख लीटर रोजाना हो रही दूध की खरीद
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य दुग्ध संघ रोजाना करीब 2.7 लाख लीटर दूध खरीद रहा है, जो 2024-25 के औसत 1.57 लाख लीटर प्रतिदिन से काफी ज्यादा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध संघ घर-घर जाकर दूध संग्रह कर रहा है, जिससे दूरदराज के छोटे दूध उत्पादकों को सीधा फायदा मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है. उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले तीन सालों में किसानों के हित में दूध खरीद के दाम लगातार बढ़ाए हैं.
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भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर तय किया गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि2026-27 के बजट में गाय के दूध का दाम 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है. डेयरी सेक्टर में किए गए सुधारों से गांवों में डेयरी समितियों से जुड़ने वालों की संख्या 27,498 से बढ़कर 39,790 हो गई है, जबकि सक्रिय डेयरी सहकारी समितियों की संख्या 583 से बढ़कर 758 तक पहुंच गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस समय 11 दूध प्रोसेसिंग प्लांट काम कर रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 1.8 लाख लीटर प्रतिदिन है. इसके अलावा कांगड़ा जिले के धगवार में एक आधुनिक दूध प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआती क्षमता 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी और इसे बढ़ाकर 3 लाख लीटर तक किया जा सकेगा.
सरकार ने NDDB के साथ समझौता किया है
उन्होंने कहा कि सरकार ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ समझौता किया है, जिसके तहत कांगड़ा में नया मिल्क यूनियन बनाया जाएगा. यह कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिलों को कवर करेगा और इससे दूध संग्रह, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग व्यवस्था बेहतर होगी.
किसानों को गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग
सीएम ने कहा कि खास बात यह है कि पिछले तीन सालों में 2,000 से ज्यादा किसानों को साफ-सुथरा दूध उत्पादन और गुणवत्ता बनाए रखने की ट्रेनिंग दी गई है. इसमें जेएलडीसी जालंधर, एमआईटी मेहसाणा और एनडीआरआई करनाल जैसी संस्थाओं का सहयोग रहा. इसके अलावा पारदर्शिता और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए 222 ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट (AMCU) और 32 डेटा प्रोसेसिंग मिल्क कलेक्शन यूनिट (DPMC) भी स्थापित की गई हैं.