पशु दे रहे कम दूध? गर्मियों में ये छोटा उपाय अपनाएं, मात्र एक चम्मच सफेद चीज से बढ़ेगी सेहत

Milk Production: गर्मियों में हीट स्ट्रेस और मिनरल्स की कमी के कारण दुधारू पशुओं का दूध कम हो जाता है. लेकिन सही देखभाल, एक चम्मच ये सफेद चीज, हरा चारा और साफ पानी देने से इस समस्या को रोका जा सकता है. छोटे-छोटे उपाय अपनाकर पशु स्वस्थ रहेंगे और दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहेगा.

नोएडा | Published: 26 Mar, 2026 | 03:41 PM

Dairy Animals Care: तेज गर्मी शुरू होते ही इंसानों के साथ-साथ दुधारू पशुओं की हालत भी बदलने लगती है. कई पशुपालक इस बात से परेशान रहते हैं कि अचानक उनके पशुओं का दूध कम क्यों हो गया. असल में इसकी वजह सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि देखभाल में होने वाली छोटी-छोटी गलतियां भी होती हैं. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार अगर सही खान-पान और देखभाल पर ध्यान दिया जाए, तो गर्मियों में भी पशु स्वस्थ रह सकते हैं और दूध उत्पादन कम नहीं होता.

गर्मी में क्यों घट जाता है दूध?

गर्मियों में तेज धूप और लू के कारण पशुओं को हीट स्ट्रेस  यानी गर्मी का तनाव होने लगता है. इससे उनके शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है. पशु कम खाना खाते हैं, ज्यादा थकान महसूस करते हैं और पानी की कमी होने लगती है. ऐसे में उनके शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है, जिसका सीधा असर दूध पर पड़ता है. अगर इस समय सही देखभाल न की जाए, तो पशु बीमार भी पड़ सकते हैं और दूध तेजी से कम होने लगता है.

एक चम्मच नमक से मिलेगा बड़ा फायदा

पशु चिकित्सक के अनुसार इस समस्या का आसान और सस्ता इलाज घर में ही मौजूद है. गर्मियों में पशुओं  के चारे या दाने में रोजाना एक चम्मच नमक मिलाना बहुत फायदेमंद होता है. नमक से शरीर में मिनरल्स का संतुलन बना रहता है और पशु ज्यादा पानी पीते हैं. इससे उनके शरीर में पानी की कमी नहीं होती और वे एक्टिव बने रहते हैं. यह छोटा सा उपाय दूध की मात्रा को बनाए रखने में काफी मदद करता है और पशु को गर्मी के असर से बचाता है.

नहलाने और बांधने में न करें ये गलती

अक्सर लोग सोचते हैं कि तेज धूप में पशु को नहलाने  से उसे राहत मिलेगी, लेकिन यह गलत है. अचानक ठंडे पानी से नहलाने पर पशु बीमार पड़ सकते हैं. इसके बजाय उन्हें छायादार जगह पर रखें, जहां हवा का अच्छा इंतजाम हो. खासकर टिनशेड के नीचे पशुओं को बांधने से बचें, क्योंकि यह बहुत गर्म हो जाता है और पशु को लू लग सकती है. अगर सही समय और सही जगह पर देखभाल की जाए, तो पशु ज्यादा आराम महसूस करते हैं और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है.

हरा चारा और दवा है बेहद जरूरी

गर्मियों में पशुओं को हरा चारा देना  बहुत जरूरी होता है. इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है और दूध उत्पादन भी अच्छा बना रहता है. इसके अलावा, हर तीन महीने में एक बार पेट के कीड़ों की दवा जरूर देनी चाहिए. कीड़े होने से पशु कमजोर हो जाते हैं और उनका दूध भी कम हो जाता है. अगर समय-समय पर सही दवा और पोषण दिया जाए, तो पशु न सिर्फ स्वस्थ रहते हैं, बल्कि उनकी उत्पादकता भी बनी रहती है.

छोटी सावधानी, बड़ा फायदा

गर्मियों में पशुओं की देखभाल थोड़ी ज्यादा ध्यान मांगती है, लेकिन यह मुश्किल नहीं है. सही खान-पान, साफ पानी, छाया और समय पर दवा जैसे छोटे-छोटे उपाय अपनाकर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. पशु चिकित्सक का कहना है कि अगर पशुपालक इन आसान बातों का ध्यान रखें, तो न सिर्फ पशु बीमार होने से बचेंगे, बल्कि दूध की मात्रा भी अच्छी बनी रहेगी. यानी थोड़ी सी समझदारी और देखभाल से गर्मियों में भी पशुपालन फायदेमंद  बना रह सकता है.

Topics: