मछली पालन शुरू करने का सुनहरा मौका, सरकार दे रही 60 फीसदी तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन

Fish Farming Subsidy 2026: बिहार सरकार की मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना के तहत मछली, झींगा और मोती पालन शुरू करने वालों को 60 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी. योजना का मकसद देसी मछली प्रजातियों को बढ़ावा देना, मछली उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 26 Jun, 2026 | 11:58 AM

Fish Farming Subsidy: खेती के साथ अगर आप कम लागत में कोई ऐसा काम शुरू करना चाहते हैं, जिससे नियमित आमदनी हो सके, तो मछली पालन एक अच्छा विकल्प बन सकता है. खास बात यह है कि बिहार सरकार अब मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी मदद भी दे रही है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने ‘मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना’ के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं. इस योजना के जरिए मछली पालन, झींगा पालन और मोती पालन जैसे व्यवसाय शुरू करने वाले लोगों को इकाई लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा.

क्या है मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना?

बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा चलाई जा रही इस योजना का उद्देश्य राज्य में देसी मछलियों की प्रजातियों को बढ़ावा देना और मछली उत्पादन में वृद्धि करना है. इसके तहत माइनर कॉर्प, कैट फिश, झींगा और अन्य मीठे पानी की प्रजातियों के पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा.

सरकार का मानना है कि इससे न केवल देसी मछलियों का संरक्षण होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. साथ ही किसानों और मछली पालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

योजना के तहत सभी वर्गों के लाभार्थियों को इकाई लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा. बाकी राशि लाभार्थी को स्वयं या बैंक लोन के माध्यम से जुटानी होगी.

योजना के अनुसार 0.5 एकड़ क्षेत्र के लिए अनुमानित लागत इस प्रकार है:

  • माइनर कॉर्प मछली पालन: 94,000 रुपये
  • कैट फिश एवं अन्य मछलियों का पालन: 1.35 लाख रुपये
  • झींगा पालन: 1.10 लाख रुपये
  • मोती पालन: 2.24 लाख रुपये

इन सभी इकाइयों पर सरकार 60 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी.

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ राज्य के ऐसे लोग उठा सकते हैं जो मछली पालन या इससे जुड़े व्यवसाय में रुचि रखते हैं. इनमें शामिल हैं:

  • मछली पालक
  • किसान
  • स्वयं सहायता समूह (SHG)
  • किसान समूह
  • मत्स्य उद्यमी
  • निजी या लीज पर तालाब रखने वाले व्यक्ति

योजना के तहत न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 1 एकड़ जलक्षेत्र तक अनुदान का लाभ लिया जा सकता है.

आवेदन के लिए जरूरी शर्तें

लाभ लेने के लिए आवेदक के पास निजी, लीज या वैध पट्टे पर तालाब होना जरूरी है. अगर तालाब लीज पर है तो उसका एकरारनामा मान्य होना चाहिए.

इसके अलावा आवेदन के समय कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, जैसे:

  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आधार कार्ड
  • भूमि या तालाब से संबंधित दस्तावेज
  • सहमति पत्र (यदि अतिरिक्त निवेश करना हो)
  • विभाग द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज

कैसे करें आवेदन?

योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा. इच्छुक लाभार्थी मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (https://fisheries.bihar.gov.in/) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है.

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