बिहार में 3,824 मैत्री केंद्र खुलेंगे, युवाओं को प्रशिक्षण और पशुपालकों को घर बैठे सुविधा मिलेगी
बिहार सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत MAITRI योजना शुरू की है. इसके तहत हजारों मैत्री केंद्र बनाए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित युवाओं के माध्यम से पशुपालकों को घर पर कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मिलेगी. योजना का उद्देश्य पशुधन सुधार, युवाओं के लिए स्वरोजगार और पशुपालकों की आय बढ़ाना है.
Bihar MAITRI Scheme: बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है. इस योजना का उद्देश्य राज्य में पशुधन की नस्ल सुधार को बढ़ावा देना और पशुपालकों को उनके घर तक बेहतर पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है. इसके तहत चलंत स्वावलम्बी कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र (MAITRI) स्थापित किए जाएंगे, जो ग्रामीण स्तर पर पशुपालन व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे.
राज्य में 3,824 मैत्री केंद्रों का होगा गठन
इस योजना के तहत बिहार में कुल 3,824 मैत्री (MAITRI) केंद्रों का गठन किया जाएगा. ये केंद्र 510 प्रखंडों के चयनित 3,812 पंचायतों में स्थापित होंगे. इन केंद्रों के माध्यम से पशुपालकों को प्रशिक्षित कृत्रिम गर्भाधान कर्ताओं द्वारा घर-घर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले सीमेन के उपयोग से पशुओं की नस्ल सुधार करना और दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है.
योजना का उद्देश्य और पशुधन सुधार
इस योजना का मुख्य लक्ष्य पशुधन की गुणवत्ता में सुधार लाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. मैत्री केंद्रों के माध्यम से पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उनके दरवाजे पर ही मिलेगी. इससे पशुओं की नस्ल बेहतर होगी और दूध उत्पादन में वृद्धि होगी. सरकार का मानना है कि इस पहल से पशुपालकों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार होगा और पशुधन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी.
पात्रता और चयन प्रक्रिया
इस योजना में चयनित होने के लिए अभ्यर्थी का संबंधित पंचायत का निवासी होना अनिवार्य है. न्यूनतम आयु 18 वर्ष रखी गई है तथा शैक्षणिक योग्यता 10+2 या समकक्ष निर्धारित की गई है. इसके अलावा पशु टीकाकरण, डीवर्मिंग या कृत्रिम गर्भाधान कार्य का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी. कोविड-19 के दौरान बेरोजगार हुए युवाओं और पशु क्षेत्र में प्रशिक्षित व्यक्तियों को भी चयन में वरीयता मिलेगी.
प्रशिक्षण, आवेदन और आय का अवसर
चयनित अभ्यर्थियों को 3 महीने का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें 1 माह का आवासीय प्रशिक्षण और 2 माह का फील्ड प्रशिक्षण शामिल होगा. प्रशिक्षण के दौरान 10,000 रुपये की जमानत राशि ली जाएगी और प्रशिक्षण के बाद लगभग 50,000 रुपये मूल्य की सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी.
यह योजना पूर्णतः स्वावलंबी मॉडल पर आधारित है, जिसमें चयनित मैत्री कर्मी सरकारी नौकरी के अंतर्गत नहीं आएंगे, बल्कि पशुपालकों से सेवा शुल्क लेकर स्वयं आय अर्जित करेंगे. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इच्छुक उम्मीदवार 01 जुलाई 2026 से 10 जुलाई 2026 तक विभागीय वेबसाइट www.ahd.bih.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं. चयन निर्धारित योग्यता के आधार पर किया जाएगा.