कृत्रिम गर्भाधान से बदली किस्मत, राकेश यादव की डेयरी सफलता की कहानी पशुपालकों के लिए बनी मिसाल

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 4 Apr, 2026 | 06:26 PM

जांजगीर-चाम्पा जिले के ग्राम पिपरसत्ती के युवा पशुपालक राकेश यादव ने कृत्रिम गर्भाधान तकनीक अपनाकर अपनी डेयरी में नई क्रांति लाई है. इस तकनीक से उनकी डेयरी में नस्ल सुधार हुआ और दूध उत्पादन भी बढ़ा. आज राकेश यादव की डेयरी से प्रतिदिन लगभग 100 लीटर दूध निकलता है और उनके पास 60 से अधिक उन्नत नस्ल के पशु हैं. यह वीडियो आपको दिखाता है कि कैसे आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करके पशुपालन को एक मजबूत और लाभकारी आजीविका में बदला जा सकता है. जानिए इस प्रक्रिया के फायदे, बछड़े-बछियों की संख्या में वृद्धि, और किस तरह यह तकनीक ग्रामीण आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में मदद करती है.

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Published: 4 Apr, 2026 | 07:00 PM
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