मूंग की नई फसल आते ही बाजार में बदले भाव! किसानों को मिल रहा 10,300 रुपये तक दाम, जानें मंडी का हाल

Moong Price: कर्नाटक की मंडियों में नई मूंग की आवक शुरू हो गई है, लेकिन कम रकबे और बारिश की कमी से इस साल उत्पादन घटने की आशंका है. गडग और बागलकोट में आवक बढ़ने से भाव में हल्की नरमी आई है. नई मूंग में 18-21 प्रतिशत नमी होने से व्यापारी खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 19 Aug, 2026 | 09:15 AM

Moong price Karnataka: देश के प्रमुख मूंग उत्पादक इलाकों में नई फसल की आवक शुरू हो गई है. कर्नाटक के गडग और बागलकोट जैसे बाजारों में किसान नई मूंग लेकर पहुंच रहे हैं. हालांकि, इस बार फसल का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले कम रहने की आशंका है. इसकी बड़ी वजह मूंग की खेती का रकबा घटना और मॉनसून में देरी के साथ कई इलाकों में कम बारिश होना बताया जा रहा है. नई फसल की आवक बढ़ने के साथ बाजार में कीमतों पर भी थोड़ा दबाव आया है. वहीं, नई मूंग में नमी ज्यादा होने के कारण व्यापारी और मिलर्स खरीदारी को लेकर अभी सतर्क हैं. इससे किसानों के लिए फसल बेचने में कुछ परेशानी खड़ी हो रही है.

गडग मंडी में 12 हजार क्विंटल मूंग पहुंची

उत्तर कर्नाटक की प्रमुख मूंग मंडियों में शामिल गडग में मंगलवार को करीब 12 हजार क्विंटल नई मूंग की आवक हुई. बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, कारोबारियों के मुताबिक, आवक उम्मीद से थोड़ी बेहतर रहने के कारण पिछले कुछ दिनों की तुलना में भाव में हल्की नरमी आई है. हालांकि, नई मूंग में नमी की मात्रा सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. इसमें करीब 18 से 21 प्रतिशत तक नमी पाई जा रही है, जबकि सरकारी मानक 12 प्रतिशत है. ज्यादा नमी वाली मूंग को लंबे समय तक रखना मुश्किल होता है. ऐसे में व्यापारी और मिलर्स फिलहाल बड़ी मात्रा में खरीद से बच रहे हैं.

मशीन से कटी मूंग के भाव कम

गडग में मशीन से हार्वेस्ट की गई मूंग का औसत भाव करीब 7,000 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है. मशीन से कटाई के कारण मूंग की क्वालिटी कुछ फीकी बताई जा रही है और इसमें बाहरी कचरा भी ज्यादा मिल रहा है. वहीं, हाथ से चुनी और साफ मूंग को बेहतर भाव मिल रहा है. ऐसी मूंग की कीमत करीब 8,600 से 10,300 रुपये प्रति क्विंटल तक बताई गई है. बाजार में मध्य प्रदेश और गुजरात की गर्मी की फसल भी कम कीमत पर उपलब्ध है, जिससे कर्नाटक की नई फसल पर खरीदारी का दबाव बढ़ रहा है.

बारिश और बादल ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

नई मूंग की कटाई के बाद उसे अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. लेकिन गडग और आसपास के इलाकों में बारिश और लगातार बादल छाए रहने से फसल को सुखाने में परेशानी आ रही है. ज्यादा नमी के कारण किसानों और प्रोसेसर्स के लिए फसल को सुरक्षित रखना चुनौती बन गया है. बागलकोट में मंगलवार को करीब 5 हजार क्विंटल नई मूंग बाजार में पहुंची. यहां भाव करीब 8,500 से 9,975 रुपये प्रति क्विंटल रहे. कारोबारियों के मुताबिक, इस साल यहां फसल की क्वालिटी अच्छी है, लेकिन मांग अभी बहुत मजबूत नहीं है.

मूंग की खेती का रकबा 4 प्रतिशत घटा

इस साल मूंग की खेती का कुल रकबा भी कम हुआ है. 14 अगस्त तक देश में मूंग की बुवाई 32.05 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले साल इसी दौरान में यह 33.42 लाख हेक्टेयर थी. यानी रकबे में करीब 4 प्रतिशत की कमी आई है. कर्नाटक में मूंग का रकबा 12 प्रतिशत घटकर 3.66 लाख हेक्टेयर रह गया. महाराष्ट्र में इसमें 30 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई और रकबा 1.45 लाख हेक्टेयर रह गया. मध्य प्रदेश में रकबा 30 प्रतिशत घटकर 0.66 लाख हेक्टेयर और गुजरात में 45 प्रतिशत घटकर सिर्फ 0.25 लाख हेक्टेयर रह गया. राजस्थान में स्थिति लगभग स्थिर रही और वहां 23.06 लाख हेक्टेयर में मूंग की बुवाई हुई.

MSP 8,780 रुपये प्रति क्विंटल

केंद्र सरकार ने मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP 8,780 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. हालांकि, मंडियों में फसल की क्वालिटी, नमी और मांग के हिसाब से भाव अलग-अलग बने हुए हैं. कुल मिलाकर इस साल मूंग बाजार में कम रकबा, बारिश की कमी और नई फसल में ज्यादा नमी का असर दिखाई दे रहा है. आने वाले दिनों में आवक बढ़ने के साथ कीमतों की दिशा काफी हद तक फसल की क्वालिटी, नमी और बाजार की मांग पर निर्भर करेगी.

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