आलू की खुदाई के बाद किसान खाली न छोड़ें खेत! करें इस फसल की खेती, सिर्फ 60 दिन में देती है बंपर मुनाफा

Tips For Farmers: आलू की खुदाई के बाद खेत खाली छोड़ने की बजाय किसान जायद सीजन में मूंग की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह फसल करीब 60 दिनों में तैयार हो जाती है और इसमें ज्यादा लागत भी नहीं आती. सही बीज, समय पर सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव से किसान बेहतर पैदावार हासिल कर सकते हैं और कम समय में अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 7 Mar, 2026 | 02:39 PM

Moong Ki Kheti: अक्सर देखा जाता है कि आलू की खुदाई के बाद किसान अपने खेतों को कुछ समय के लिए खाली छोड़ देते हैं. लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यही समय किसानों के लिए अतिरिक्त कमाई का सुनहरा मौका हो सकता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, अगर इस समय में जायद सीजन की मूंग की खेती की जाए तो कम समय में अच्छी पैदावार के साथ अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है. मूंग की खेती इसलिए भी फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि इसमें ज्यादा लागत नहीं आती और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है.

60 दिन में तैयार होगी फसल

आलू की खुदाई के बाद खेतों को खाली नहीं छोड़ना चाहिए. जायद सीजन में मूंग की खेती करने से किसानों को बेहतर उत्पादन मिलता है. मूंग की खेती शुरू करने से पहले खेत में पलेवा करना जरूरी होता है, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और बीज अच्छी तरह अंकुरित हो पाते हैं. पलेवा करने के बाद खेत में मूंग के बीज बो दिए जाते हैं. एक एकड़ खेत में मूंग की खेती के लिए लगभग 8 से 10 किलोग्राम बीज की जरूरत होती है.

बुवाई के बाद फसल को समय-समय पर सिंचाई की जरूरत पड़ती है. आमतौर पर दो महीनों के दौरान 4 से 5 बार सिंचाई करनी पड़ती है. उचित देखभाल करने पर लगभग 60 दिनों में मूंग की फसल तैयार हो जाती है, जिसे किसान बाजार में बेचकर अच्छा लाभ कमा सकते हैं.

अच्छी पैदावार के लिए चुनें उन्नत किस्में

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मूंग की खेती में अच्छी पैदावार पाने के लिए सही किस्म के बीज का चयन करना बहुत जरूरी है. यदि किसान उन्नत किस्मों के बीज का उपयोग करते हैं तो उत्पादन अधिक मिलता है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है. मूंग की खेती के लिए किसान विशाल, IPM 2-3, IPM 2-14 और सम्राट जैसी उन्नत किस्मों का चयन कर सकते हैं. ये किस्में जायद सीजन के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं और इनसे अच्छी उपज प्राप्त होती है.

फूल आने पर फसल की विशेष देखभाल जरूरी

मूंग की फसल में फूल आने का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान कई प्रकार के कीट और रोग फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए किसानों को इस समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार जब फसल में फूल आने लगें तो समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए. इससे कीट-पतंगों से फसल सुरक्षित रहती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है.

कम लागत में बेहतर मुनाफे वाली खेती

मूंग की खेती कम समय और कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है. यही कारण है कि जायद सीजन में इसकी खेती किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प बन सकती है. अगर किसान आलू की फसल के बाद खेतों को खाली छोड़ने की बजाय मूंग की खेती करें, तो उन्हें कम समय में अतिरिक्त आय का अच्छा अवसर मिल सकता है. सही तकनीक और देखभाल के साथ यह खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है.

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