50 हजार पशु क्षमता वाली गौशालाएं बनेंगी…सरकार का फोकस साफ, पशुपालन से किसान होंगे मालामाल

मध्यप्रदेश सरकार पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. बड़ी गौशालाएं खोलने, बकरी पालन और कुक्कुट विकास जैसी पहल से किसानों को रोजगार और आय बढ़ाने का मौका मिल रहा है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है.

नोएडा | Published: 30 Mar, 2026 | 12:00 PM

Animal Husbandry: मध्यप्रदेश अब तेजी से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है. गांव-गांव में लोग पशुपालन को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं.  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाएं चला रही है, जिससे किसान और पशुपालक दोनों को सीधा फायदा मिल सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो.

बड़ी गौशालाओं से बढ़ेगा दूध उत्पादन

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में बड़ी गौशालाएं खोलने  पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इसके लिए सरकार जमीन भी उपलब्ध करा रही है. इन गौशालाओं की क्षमता 5 हजार से लेकर 50 हजार पशुओं तक रखने की योजना है. इससे दूध उत्पादन में तेजी आएगी और बड़े स्तर पर पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे गांवों में रोजगार भी बढ़ेगा और किसानों को स्थायी आय का साधन मिलेगा.

पशुपालन के लिए मिल रही कई योजनाओं का लाभ

राज्य सरकार पशुपालन को आसान और लाभदायक बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इसमें बकरी पालन के लिए बैंक ऋण और अनुदान पर इकाइयां दी जा रही हैं, जिससे छोटे किसान  भी यह काम शुरू कर सकें. इसके अलावा अनुदान पर नर बकरा देने की योजना भी है, जिससे नस्ल सुधार में मदद मिलती है. वत्स पालन प्रोत्साहन योजना और गोपाल पुरस्कार योजना के जरिए पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे इस क्षेत्र में आगे बढ़ें.

प्रशिक्षण और बीमा से मिलेगा सुरक्षा का भरोसा

सरकार सिर्फ योजनाएं ही नहीं दे रही, बल्कि पशुपालकों को प्रशिक्षण  भी दे रही है. गौसेवक प्रशिक्षण के जरिए लोगों को पशुओं की देखभाल और सही तरीके से पालन करने की जानकारी दी जा रही है. इसके साथ ही पशुधन बीमा योजना भी चलाई जा रही है, जिससे पशु के नुकसान होने पर किसान को आर्थिक सहायता मिल सके. यह योजनाएं किसानों को जोखिम से बचाने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद कर रही हैं.

छोटे स्तर पर भी बढ़ रहा पशुपालन का काम

ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर भी पशुपालन को बढ़ावा  दिया जा रहा है. बैकयार्ड कुक्कुट विकास जैसी योजनाओं के जरिए लोग घर के पास ही मुर्गी पालन शुरू कर रहे हैं. इसके अलावा मैत्री योजना जैसी पहल भी चल रही है, जिससे गांवों में पशु सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें. मुख्यमंत्री के अनुसार, इन सभी प्रयासों से राज्य में पशुपालन एक मजबूत व्यवसाय के रूप में उभर रहा है और किसान इसकी मदद से अपनी आय बढ़ा रहे हैं.

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