बदलते मौसम का खतरनाक असर! आपके पशु हो सकते हैं गंभीर बीमारियों का शिकार, एक्सपर्ट से जानें बचाव के उपाय

Dairy Farming Tips: मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव का सीधा असर पशुओं की सेहत पर पड़ता है. इस दौरान उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई, संतुलित आहार और सही देखभाल अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और उत्पादन में नुकसान से बचा जा सकता है.

नोएडा | Published: 31 Mar, 2026 | 10:04 PM

Dairy Farming Tips: जैसे ही सर्दी का मौसम खत्म होता है और गर्मी दस्तक देने लगती है, वातावरण में तेजी से बदलाव देखने को मिलता है. यह बदलाव केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि पशुओं की सेहत पर भी सीधा असर डालता है. तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव, हवा में बढ़ती गर्मी और नमी का संतुलन बिगड़ने से पशुओं के शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. ऐसे समय में उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है, जिससे वे जल्दी ही संक्रमण, बुखार, खांसी या अन्य मौसमी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं.

रीवा मेडिकल कॉलेज की वेटरनरी एक्सपर्ट डॉ. आयुषी पांडे ने किसान इंडिया (Kisan India) को बताया कि, इस बदलते मौसम का दूध देने वाले पशुओं पर ज्यादा असर पड़ता है, जिससे उनकी उत्पादकता भी घट सकती है. इसलिए इस मौसम में पशुओं की विशेष देखभाल जरूरी हो जाती है.

किन बीमारियों का रहता है ज्यादा खतरा?

इस मौसम में खासतौर पर पशुओं में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं.

बचाव ही सबसे बड़ा इलाज

डॉ. आयुषी पांडे के अनुसार, पशुओं को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने के लिए इलाज से ज्यादा जरूरी है समय पर बचाव करना. यदि शुरुआत से ही सही देखभाल की जाए, तो कई बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है. इसके लिए पशुओं का समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है, ताकि उनमें रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे.

साथ ही, पशुशाला की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि गंदगी और नमी वाले स्थान बैक्टीरिया और कीटाणुओं के पनपने का मुख्य कारण बनते हैं. इसलिए पशुओं को हमेशा सूखे, साफ और हवादार स्थान पर रखना चाहिए.

यह छोटे-छोटे कदम बड़े नुकसान से बचा सकते हैं.

संतुलित आहार है जरूरी

अच्छा खान-पान पशुओं की सेहत का आधार होता है.

संतुलित आहार से पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है.

सही देखभाल और समय पर इलाज

अगर पशु में किसी भी तरह के लक्षण दिखें, जैसे सुस्ती, भूख कम लगना या बुखार, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें. देरी करने से समस्या बढ़ सकती है और उत्पादन (दूध/वजन) पर भी असर पड़ता है. मौसम का बदलना प्राकृतिक है, लेकिन इसके असर से पशुओं को बचाना हमारी जिम्मेदारी है. सही देखभाल, संतुलित आहार और समय पर इलाज से आप अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं.

 

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