Donkey Farming: जो गधी थी बोझ का साथी, अब 7000 रुपये लीटर दूध से बदल रही गांवों की तस्वीर
गधा पालन अब गांवों में कमाई का नया जरिया बन रहा है. गधी का दूध 5000 रुपये से 7000 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है. कम खर्च और आसान देखभाल के कारण छोटे किसान भी इस व्यवसाय से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
Donkey Farming: गांवों में गधे को अक्सर सिर्फ बोझ ढोने वाले जानवर के रूप में देखा जाता था. लेकिन अब यही जानवर कई परिवारों की किस्मत बदल रहा है. गधी का दूध बाजार में 5000 रुपये से 7000 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है. कम देखभाल, कम खर्च और बढ़ती मांग की वजह से गधा पालन अब कमाई का नया और आसान जरिया बनता जा रहा है.
कम जानवर, ज्यादा कमाई का मौका
आज गधी के दूध की मांग तेजी से बढ़ी है. इसका इस्तेमाल औषधीय उत्पादों और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में हो रहा है. कई कंपनियां इससे साबुन, क्रीम और मॉइस्चराइजर बना रही हैं. गधी के दूध में विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. इसी वजह से इसकी कीमत भी ऊंची है. एक लीटर दूध हजारों रुपये में बिकता है. यहां तक कि गधी के दूध से बना एक साबुन भी 400 से 500 रुपये तक में बिक जाता है. ऐसे में अगर कोई किसान रोज थोड़ा भी दूध बेचता है, तो अच्छी कमाई कर सकता है.
कौन-सी नस्ल देती है ज्यादा फायदा
पशुपालन से जुड़े जानकार बताते हैं कि हलारी और कच्छी नस्ल के गधे पालन के लिए बेहतर माने जाते हैं. ये मजबूत होते हैं और कम देखभाल में भी स्वस्थ रहते हैं. एक स्वस्थ मादा गधी साल में एक बच्चे को जन्म देती है. इससे धीरे-धीरे पशुओं की संख्या बढ़ती है और कारोबार भी फैलता जाता है. यानी एक बार शुरुआत करने के बाद किसान अपने झुंड को बढ़ा सकता है और कमाई भी बढ़ा सकता है. अच्छी देखभाल और समय पर टीकाकरण से पशु स्वस्थ रहते हैं और उत्पादन भी बेहतर होता है.
कम खर्च में शुरू करें अपना काम
गधा पालन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे कम निवेश में शुरू किया जा सकता है. किसान 5 से 10 गधों के साथ भी शुरुआत कर सकते हैं. इनके लिए एक साफ और सूखा शेड जरूरी है. साथ ही चरने के लिए खुली जगह होनी चाहिए. खानपान भी ज्यादा महंगा नहीं होता. हरी घास, सूखी घास, भूसा और अनाज के अवशेष इनके लिए काफी हैं. बस साफ पानी और नियमित देखभाल जरूरी है. इसी वजह से छोटे किसान और भूमिहीन परिवार भी इस व्यवसाय को आसानी से अपना सकते हैं.
दूध के अलावा भी कमाई के कई रास्ते
गधा पालन सिर्फ दूध बेचने तक सीमित नहीं है. इससे कई तरह से आय हो सकती है. गधी के बच्चे अच्छे दाम पर बिकते हैं. कुछ जगहों पर गधों को मजदूरी या सामान ढुलाई के लिए किराए पर भी दिया जाता है. इस तरह एक ही जानवर से कई तरह की कमाई संभव है. विशेषज्ञ मानते हैं कि कम जोखिम और कम लागत के कारण गधा पालन गांवों के लिए स्थायी रोजगार का जरिया बन सकता है. अगर सही प्रबंधन किया जाए, तो यह कारोबार सच में गांव की तस्वीर बदल सकता है. जो जानवर कभी नजरअंदाज किया जाता था, वही अब लाखों की कमाई का रास्ता खोल रहा है.