तालाब का पानी बिगड़ा तो मुनाफा डूबा! मछली पालन में बरतें ये 5 जरूरी सावधानियां

बरसात और गर्मी का मौसम मछली पालन करने वाले किसानों के लिए चुनौती बनकर आता है. अगर समय रहते ध्यान न दिया गया तो तालाब से कमाई की जगह नुकसान ही हाथ लगेगा.

धीरज पांडेय
नोएडा | Updated On: 24 Jul, 2025 | 07:24 PM

बारिश के मौसम में मछली पालन करने वाले किसानों को सतर्क रहना जरूरी है. इस मौसम में तेज बारिश, जलभराव और गंदगी तालाब के पानी की क्वालिटी बिगाड़ सकती है. अगर समय पर पानी का रखरखाव नहीं किया गया तो मछलियों में संक्रमण, फंगल इंफेक्शन और ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में तालाब का जलस्तर, पानी की साफ-सफाई और ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखना जरूरी है.

1. तालाब के पानी को समय-समय पर बदलें

मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश हो या गर्मी, इन मौसमों में तालाब का पानी जल्दी गंदा होता है, जिससे मछलियों की सेहत पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में मछली पालने वाले किसानों को चाहिए कि वे नियमित रूप से पानी की जांच करें और समय-समय पर पानी बदलते रहें. खास ध्यान रखें कि तालाब में पानी का स्तर 5 से 5.5 फीट के बीच बना रहे. अगर पानी कम होगा तो तापमान जल्दी बढ़ेगा और मछलियों को तनाव, बीमारी या मौत का खतरा हो सकता है. इस सावधानी से नुकसान टाला जा सकता है.

2. पानी में ऑक्सीजन बनाए रखने के लिए मिलाएं चूना

खासकर गर्मी के मौसम  में तालाब का पानी गर्म हो जाता है, जिससे उसमें ऑक्सीजन की मात्रा घटती है. इसका सीधा असर मछलियों की सेहत पर पड़ता है, वे सुस्त हो जाती हैं और बीमार पड़ने लगती हैं. ऐसे में किसान भाइयों को चाहिए कि पानी में समय-समय पर उचित मात्रा में चूना मिलाएं. क्योंकि चूना पानी का पीएच संतुलित करता है और ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने में मदद करता है. इससे मछलियों की सेहत बनी रहती है और मरने की संभावना घटती है.

3. बीमारी से बचाव के लिए करें पोटेशियम परमैग्नेट का छिड़काव

बारिश और गर्मी के मौसम में तालाब में गंदगी बढ़ जाती है, जिससे मछलियों को स्किन इंफेक्शन और दूसरी बीमारियों का खतरा होता है. इस स्थिति से बचने के लिए किसान तालाब के पानी में हल्की मात्रा में पोटेशियम परमैग्नेट का छिड़काव कर सकते हैं. यह एक अच्छा कीटाणुनाशक है, जो पानी को साफ करता है और मछलियों को संक्रमण से बचाने में मदद करता है. इससे मछलियों की सेहत सुरक्षित रहती है और उत्पादन पर असर नहीं पड़ता.

4. अधिक मछलियों को एक तालाब में न रखें

अगर किसी तालाब में मछलियों की संख्या ज्यादा हो जाती है तो ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में बेहतर होगा कि कुछ मछलियों को दूसरे तालाब में शिफ्ट कर दिया जाए. इससे उन्हें पर्याप्त जगह और ऑक्सीजन मिलती है, तनाव कम होता है और उनकी ग्रोथ सही ढंग से होती है. साथ ही बीमारी का फैलाव भी रोका जा सकता है.

5. गर्मी में मछलियों के आहार का रखें खास ध्यान

गर्मी के मौसम में मछलियों को सूखा चारा देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनके पाचन में दिक्कत हो सकती है. इसकी जगह किसान ताजे पानी में थोड़ा मीठा (गुड़ या ग्लूकोज) घोलकर उसमें विटामिन C मिलाएं और उसे मछलियों को आहार के रूप में दें. यह न सिर्फ मछलियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, बल्कि उन्हें मौसम के तनाव से भी बचाता है और स्वस्थ विकास में मदद करता है.

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Published: 24 Jul, 2025 | 07:24 PM

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