प्रचंड गर्मी में मछलियों का तेजी से बढ़ेगा वजन, तालाब में डालें नमक के साथ ये सफेद पाउडर

मछलियों को हमेशा अच्छा और पौष्टिक चारा ही देना चाहिए. साथ ही तापमान बढ़ने पर तालाब में एरेयटर का इस्तेमाल जरूर करें, क्योंकि यह पानी में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखता है. अगर पानी में ऑक्सीजन कम हो जाती है, तो मछलियों की बढ़वार रुक सकती है.

नोएडा | Published: 6 May, 2026 | 06:08 PM

Fish Farming: उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब सहित पूरे देश में भीषण गर्मी पड़ रही है. इससे इंसान के साथ-साथ मवेशियों के हेल्थ पर असर पड़ा है. लेकिन गर्मी से सबसे ज्यादा प्रभावित मछलियां हो रही हैं. कई मछली पालकों का कहना है कि गर्मी के चलते मछलियों का आहार कम हो गया है, जिससे उनकी ग्रोथ रूक गई है. ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है. लेकिन अब मछली पालकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. आज हम कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं, जिससे अपनाते ही गर्मी में भी मछलियों का वजन तेजी से बढ़ेगा.

मेरठ के मुख्य मत्स्य कार्यकारी अधिकारी बिनोद कुमार ने ‘न्यूज 18’ से बात करते हुए किसानों को सलाह दी है कि वे मछलियों के खान-पान  और पानी के प्रबंधन पर खास ध्यान दें. सही देखभाल करने पर गर्मी में भी अच्छा उत्पादन हासिल किया जा सकता है. बिनोद कुमार के अनुसार, मछलियों को हमेशा अच्छा और पौष्टिक चारा ही देना चाहिए. साथ ही तापमान बढ़ने पर तालाब में एरेयटर का इस्तेमाल जरूर करें, क्योंकि यह पानी में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखता है. अगर पानी में ऑक्सीजन कम हो जाती है, तो मछलियों की बढ़वार रुक सकती है और वे बीमार भी पड़ सकती हैं, इसलिए ऑक्सीजन का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है.

तापमान को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी

गर्मियों में तालाब के पानी का तापमान नियंत्रित रखना मछली पालकों के लिए बड़ी चुनौती होता है. मत्स्य अधिकारी के अनुसार, किसानों को सुबह और शाम करीब 2-2.5 घंटे ट्यूबवेल चलाना चाहिए, ताकि तालाब में ताजा और ठंडा पानी आता रहे और तापमान संतुलित बना रहे. दरअसल, मछलियां पानी की अलग-अलग परतों में रहती हैं. जब ऊपर का पानी ज्यादा गर्म हो जाता है, तो मछलियां नीचे की ओर चली जाती हैं, जिससे नीचे की परत में भीड़ बढ़ती है और संतुलन बिगड़ जाता है. ऐसे में ठंडा पानी डालना इस समस्या का सबसे अच्छा समाधान है.

प्रति हेक्टेयर 250 किलो चूना तालाब में डालें

पानी की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने के लिए विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि प्रति हेक्टेयर करीब 250 किलो चूना तालाब में डाला जाए. चूना डालने से पानी में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की मात्रा कम होती है, जो मछलियों के लिए फायदेमंद है. इसके अलावा, समय-समय पर तालाब में नमक का छिड़काव भी करना चाहिए. नमक हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है, जिससे मछलियां बीमारियों और संक्रमण से सुरक्षित रहती हैं.

मछली पालन से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं किसान

गर्मियों में मछलियों को बीमारियों से बचाने के लिए बाजार में लाल दवा सहित कई तरह की दवाएं मिलती हैं, लेकिन बिनोद कुमार ने सलाह दी है कि किसी भी दवा का इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ या मत्स्य विभाग से जरूर पूछ लें. बिना सही जानकारी के दवा डालने से मछलियों को नुकसान हो सकता है. अगर किसान सही तरीके अपनाएं, तो गर्मी में भी मछली पालन से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

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