अब बाजार से नहीं लेना पड़ेगा मछली का दाना, घर पर बनाकर घटाएं खर्च और बढ़ाएं कमाई

मछली को तेजी से बढ़ाने और स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार जरूरी होता है. बाजार में मिलने वाला दाना अक्सर दूर से आता है, जिसकी कीमत परिवहन और ब्रांडिंग के कारण ज्यादा होती है. कई छोटे मछली पालकों के लिए यह खर्च मुनाफे को काफी हद तक कम कर देता है.

नई दिल्ली | Published: 1 Jan, 2026 | 12:00 PM

Fish feed making machine: मछली पालन आज सिर्फ पारंपरिक काम नहीं रहा, बल्कि यह एक फायदे का व्यवसाय बन चुका है. तालाब हो या बायोफ्लॉक सिस्टम, मछली की मांग लगातार बढ़ रही है. लेकिन इस कमाई के रास्ते में सबसे बड़ा खर्च मछलियों का दाना होता है. बाजार से खरीदा गया रेडीमेड फीड महंगा पड़ता है और कई बार उसकी गुणवत्ता भी सवालों में रहती है. ऐसे में अब मछली पालकों के लिए एक आसान और कारगर समाधान सामने आया है, घर पर ही मछली का दाना बनाना. इसके लिए एक खास मशीन आती है, जिससे दाने की झंझट खत्म हो सकती है और जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम हो जाता है.

मछली पालन में दाने का खर्च क्यों बनता है सिरदर्द

मछली को तेजी से बढ़ाने और स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार जरूरी होता है. बाजार में मिलने वाला दाना अक्सर दूर से आता है, जिसकी कीमत परिवहन और ब्रांडिंग के कारण ज्यादा होती है. कई छोटे मछली पालकों के लिए यह खर्च मुनाफे को काफी हद तक कम कर देता है. यही वजह है कि अगर दाने की लागत घट जाए, तो मछली पालन कहीं ज्यादा लाभदायक बन सकता है.

घर पर दाना बनाने का आसान तरीका

अब मछली पालकों को दाने के लिए बाजार के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. फिश फीड मेकिंग मशीन की मदद से घर पर ही मछली का चारा तैयार किया जा सकता है. इस मशीन में कच्चा माल डालकर कुछ ही समय में दानेदार फीड तैयार हो जाता है, जिसे मछलियां आसानी से खा लेती हैं. घर पर बना दाना ताजा होता है, उसमें अपनी जरूरत के अनुसार पोषण मिलाया जा सकता है और सबसे बड़ी बात यह कि इसकी लागत काफी कम आती है.

फिश फीड मेकिंग मशीन कैसे करती है काम

यह मशीन अनाज और अन्य सामग्री को पीसकर, दबाकर छोटे-छोटे दानों में बदल देती है. ये दाने पानी में जल्दी नहीं गलते, जिससे मछलियां उन्हें आराम से खा पाती हैं और पानी भी ज्यादा खराब नहीं होता. मशीन से बने दाने मछलियों की सेहत के लिए भी बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि इनमें मिलावट का डर नहीं होता.

मशीन की कीमत और विकल्प

फिश फीड मेकिंग मशीन कई तरह की आती है. छोटे स्तर पर मछली पालन करने वालों के लिए छोटी और कम क्षमता वाली मशीनें उपलब्ध हैं. वहीं, अगर कोई मछली पालक दाना बनाकर दूसरे लोगों को भी बेचना चाहता है, तो बड़ी और ज्यादा क्षमता वाली मशीन ले सकता है. हाथ से चलने वाली मशीनें भी मिलती हैं, जिनकी कीमत कम होती है, जबकि ऑटोमेटिक मशीनों में मेहनत कम लगती है और उत्पादन ज्यादा होता है. आमतौर पर इन मशीनों की कीमत लगभग 45 हजार रुपये से शुरू होकर ढाई लाख रुपये तक जाती है, जो उसकी क्षमता और तकनीक पर निर्भर करती है.

कच्चा माल आसानी से मिलेगा

घर पर मछली का दाना बनाने के लिए कच्चा माल जुटाना भी मुश्किल नहीं है. अगर आप किसान हैं, तो अधिकतर सामग्री पहले से ही आपके पास होती है. मक्का, चना, गेहूं, चावल की भूसी, सोयाबीन पाउडर और सरसों की खली जैसे पदार्थ आसानी से मिल जाते हैं. इन्हें सही अनुपात में मिलाकर पौष्टिक दाना तैयार किया जा सकता है. जरूरत के अनुसार इसमें मिनरल और विटामिन भी मिलाए जा सकते हैं.

कम खर्च में दोगुनी कमाई का मौका

घर पर मछली का दाना बनाने से न सिर्फ खर्च बचता है, बल्कि कमाई के नए रास्ते भी खुलते हैं. अगर उत्पादन ज्यादा है, तो अतिरिक्त दाना आसपास के मछली पालकों को बेचकर अच्छी आमदनी की जा सकती है. इस तरह एक मशीन आपके मछली पालन को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ एक छोटे उद्योग में भी बदल सकती है.

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