भैंस के दूध की तरह गाढ़ा हो जाएगा गाय का दूध! बस इस अनुपात में मिलाकर दें हरा और सूखा चारा

भैंस के दूध में 6-10 फीसदी वसा होती है और देसी गाय के दूध में 4-5 फीसदी वसा पाई जाती है. वहीं, होल्स्टीन फ्रिजियन गाय में 3.5 फीसदी और जर्सी गाय में 4.2 फीसदी वसा होती है. सर्दियों में दूध की मात्रा बढ़ जाती है लेकिन वसा कम हो जाती है.

नोएडा | Published: 6 Jan, 2026 | 02:44 PM

Cow Milk: गाय का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि इसका दूध भैंस के मुकाबले बहुत पतला होता है. साथ ही इसके दूध से घी का भी बहुत कम उत्पादन होता है. यही वजह है कि मार्केट में भैंस का दूध गाय के मुकाबले महंगा बिकता है. लेकिन आप चाहें, तो गाय के दूध को भैंस के दूध की तरह काढ़ा कर सकते हैं. इसके लिए आपको बस उसके आहार में बदलाव करना होगा. आहार में बदलाव करते ही कुछ ही हफ्ते बाद असर दिखने लगेगा. इसके बाद गाय का दूध पहले के मुकाबले ज्यादा गाढ़ा हो जाएगा. बस इसके लिए आपको नीचे बताए गए तरीकों को अपनाना होगा,

दरअसल, दूध की कीमत उसके वसा के प्रतिशत पर निर्भर करती है. वसा ज्यादा हो तो दूध महंगा और वसा कम हो तो सस्ता होता है. इसलिए किसान अपने गाय या भैंस को संतुलित आहार दें ताकि दूध में वसा बढ़ सके. ऐसे भैंस के दूध में 6-10 फीसदी वसा होती है और देसी गाय के दूध में 4-5 फीसदी वसा पाई जाती है. वहीं, होल्स्टीन फ्रिजियन गाय में 3.5 फीसदी और जर्सी गाय में 4.2 फीसदी वसा होती है. सर्दियों में दूध की मात्रा बढ़ जाती है लेकिन वसा कम हो जाती है. गर्मियों में दूध थोड़ा कम होता है लेकिन वसा ज्यादा होती है.

60 फीसदी हरा चारा और 40 फीसदी सूखा चारा देना चाहिए

किसान अगर थोड़ी सावधानी बरतें तो दूध में वसा बढ़ाई जा सकती है. सबसे जरूरी है पशु को सही आहार देना. दरअसल, हरा चारा दूध बढ़ाता है लेकिन वसा घटाता है, जबकि सूखा चारा दूध कम करता है लेकिन वसा बढ़ा सकता है. इसलिए 60 फीसदी हरा चारा और 40 फीसदी सूखा चारा देना चाहिए. साथ ही पशु के आहार में अचानक बदलाव न करें. दूध दोहते समय पूरा दूध निकालें और बछड़े को आखिरी दूध न पिलाएं, क्योंकि उसमें सबसे ज्यादा वसा होती है.

भैंस के दूध में 9 फीसदी एसएनएफ होता है

दूध में वसा और एसएनएफ (सॉलिड्स नॉट फैट) मुख्य ठोस पदार्थ हैं. एसएनएफ में प्रोटीन, लैक्टोज और खनिज शामिल होते हैं. गाय के दूध में आमतौर पर 8.5 फीसदी एसएनएफ और भैंस के दूध में 9 फीसदी एसएनएफ होता है. दूध में वसा और एसएनएफ का प्रतिशत डेयरी उद्योग में बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही दूध की कीमत तय करता है. हाल के वर्षों में भारतीय डेयरी उद्योग में संकट और दूध की कीमतों में अस्थिरता ने सरकार को दूध की कीमत तय करने के लिए वसा और एसएनएफ के आधार पर नियम बनाने के लिए प्रेरित किया है.

संतुलित और पोषक आहार देना चाहिए

यानी दूध में वसा और एसएनएफ बढ़ाने के लिए गाय और भैंस को संतुलित और पोषक आहार  देना चाहिए. सही देखभाल और पोषण की जानकारी से दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बढ़ती हैं. इससे डेयरी फार्मिंग ज्यादा लाभकारी और उत्पादक बनती है.

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