गर्मी में सिर्फ नहलाने से नहीं बढ़ेगा दूध, गाय-भैंस को ऐसे रखें ठंडा तभी मिलेगा भरपूर फायदा

गर्मी बढ़ते ही गाय-भैंस पर हीट स्ट्रेस का असर साफ दिखने लगता है, जिससे दूध उत्पादन घट सकता है. विशेषज्ञ ने पशुपालकों को शेड में ठंडक, साफ पानी, संतुलित आहार और खासकर भैंसों की अतिरिक्त देखभाल की सलाह दी है, ताकि पशु स्वस्थ रहें और गर्मी में भी दूध की मात्रा बनी रहे.

नोएडा | Published: 11 Apr, 2026 | 11:41 AM

Animal Care Tips: अप्रैल शुरू होते ही तेज धूप, गर्म हवा और चुभती लू का असर सिर्फ इंसानों पर नहीं, बल्कि गाय-भैंस जैसे दुधारू पशुओं पर भी साफ दिखने लगता है. कई पशुपालक सोचते हैं कि दिन में बार-बार नहला देने से पशु को राहत मिल जाएगी, लेकिन सिर्फ इतना करना काफी नहीं होता. गर्मी में पशुओं की रहने की जगह, खानपान, पानी और ठंडक की व्यवस्था सही होना सबसे ज्यादा जरूरी है.

अगर इन बातों पर ध्यान न दिया जाए तो पशु तनाव में आ जाते हैं, कम चारा खाते हैं और दूध भी घटने लगता है. KVK Noida के पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, गर्मी के मौसम में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर पशुओं को हीट स्ट्रेस से बचाया जा सकता है. सही देखभाल होने पर पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन भी बाल्टी भर बना रहता है.

सिर्फ नहलाना नहीं, रहने की जगह ठंडी रखना ज्यादा जरूरी

पशु चिकित्सक के मुताबिक गर्मी में पशुओं को ऐसी जगह बांधना चाहिए, जहां हवा का अच्छा आना-जाना हो. बंद और घुटन वाली जगह में पशु जल्दी परेशान हो जाते हैं. शेड को खुला  और हवादार रखना सबसे आसान और असरदार तरीका है. अगर संभव हो तो शेड में पंखा लगाना चाहिए. कई पशुपालक देसी तरीका अपनाते हुए टाट या बोरे को पानी में भिगोकर शेड के सामने टांग देते हैं. इससे आसपास का तापमान कम रहता है और पशुओं को काफी राहत मिलती है. रोजाना शेड की सफाई भी जरूरी है. गंदगी से मक्खियां बढ़ती हैं, जिससे संक्रमण और बेचैनी दोनों बढ़ते हैं. साफ और सूखी जगह में पशु आराम से बैठते हैं और गर्मी कम महसूस करते हैं.

ठंडा पानी और संतुलित आहार से बढ़ेगा दूध

गर्मी में पशुओं  के शरीर को ज्यादा पानी और पोषण की जरूरत होती है. इसलिए दिन में कई बार साफ और हल्का ठंडा पानी देना जरूरी है. पानी की कमी होने पर पशु जल्दी थक जाते हैं और दूध भी कम देने लगते हैं. चारे में हरा चारा, सूखा चारा और मिनरल मिक्स जरूर शामिल करना चाहिए. गर्मी में शरीर से नमक और मिनरल तेजी से निकलते हैं, इसलिए कैल्शियम और मिनरल का संतुलन बनाए रखना जरूरी है. पशुओं को उनकी उम्र, वजन और दूध देने की क्षमता के हिसाब से दाना देना चाहिए. सही आहार मिलने पर गर्मी का असर कम पड़ता है और दूध उत्पादन स्थिर रहता है.

भैंसों को ज्यादा खतरा, इसलिए खास देखभाल जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी का असर भैंसों पर गायों के मुकाबले  ज्यादा होता है. इसका कारण उनका गहरा रंग और शरीर की बनावट होती है, जिससे वे ज्यादा गर्मी सोख लेती हैं. इसलिए भैंसों को दिन में एक या दो बार पानी से नहलाना फायदेमंद रहता है, लेकिन सिर्फ नहलाना ही काफी नहीं है. अगर संभव हो तो उन्हें कुछ समय के लिए पानी में बैठने की व्यवस्था करनी चाहिए. इससे उनके शरीर का तापमान जल्दी कम होता है. भैंसों को दोपहर की तेज धूप से बचाना सबसे जरूरी है. छांव, पंखा और पर्याप्त पानी इनके लिए गर्मी में जीवन रक्षक की तरह काम करते हैं.

हीट स्ट्रेस के संकेत पहचानें, तभी बचेगा नुकसान

गर्मी में अगर पशु बार-बार हांफ रहे हों, मुंह खोलकर सांस ले रहे हों, कम चारा खा रहे  हों या दूध अचानक घट गया हो, तो यह हीट स्ट्रेस का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत पशु को छांव में रखें, ठंडा पानी दें और शरीर पर हल्का पानी डालें. दोपहर के समय चारा कम और सुबह-शाम ज्यादा देना बेहतर रहता है. पशु चिकित्सक का कहना है कि सुबह जल्दी और शाम को चारा-पानी देने से पशु ज्यादा आराम में रहते हैं. इससे उनका पाचन भी सही रहता है और दूध उत्पादन पर कम असर पड़ता है.

कुल मिलाकर गर्मी में गाय-भैंस को सिर्फ बार-बार नहलाने से काम नहीं चलेगा. सही शेड, ठंडा पानी, संतुलित आहार और हीट स्ट्रेस के संकेतों पर नजर रखना ज्यादा जरूरी है. अगर पशुपालक इन आसान उपायों को अपनाते हैं, तो गर्मी के मौसम में भी पशु स्वस्थ रहेंगे और बाल्टी भर दूध देने की क्षमता बनाए रखेंगे.

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