Livestock Feed: पशुओं में प्रोटीन की कमी दूर करेगा यह खास चारा, सेहत और दूध उत्पादन में लाएगा सुधार

अजोला एक सस्ती और पौष्टिक घास है जो पशुओं के लिए बेहद फायदेमंद है. इसमें भरपूर प्रोटीन और खनिज होते हैं जो दूध उत्पादन और सेहत दोनों में सुधार लाते हैं. इसे घर पर आसानी से उगाया और खिलाया जा सकता है.

नोएडा | Updated On: 4 Dec, 2025 | 11:04 PM

Azolla Feed : अगर आप अपने पशुओं को स्वस्थ रखना चाहते हैं और दूध उत्पादन बढ़ाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. किसानों के बीच एक ऐसी हरी घास की चर्चा तेजी से बढ़ रही है जो कम जगह, कम खर्च और कम समय में तैयार हो जाती हैनाम है अजोला घास. यह घास किसी वरदान से कम नहीं, क्योंकि यह आपके पशुओं को ताकतवर बनाती है और दूध की मात्रा में भी जबरदस्त बढ़ोतरी करती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में किसान तेजी से अजोला उत्पादन अपना रहे हैं.

क्या है अजोला घास?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अजोला एक जलीय फर्न घास  है, जो पानी की सतह पर तैरती है. यह छोटे-छोटे हरे पत्तों की तरह दिखती है और बहुत तेजी से फैलती है. खास बात यह है कि इसे किसी बड़ी जमीन की जरूरत नहीं होतीइसे आप घर के आंगन या खेत के किनारे एक छोटे पानी के टैंक में भी उगा सकते हैं. इस घास में प्रोटीन, खनिज और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे “ग्रीन गोल्ड” यानी हरा सोना कहा जाता है.

अजोला के फायदे

घर पर ऐसे तैयार करें अजोला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक बार अजोला बनने के बाद यह रोजाना 500 ग्राम से लेकर 1 किलो तक उत्पादन देता है, जिसे आप सीधे पशुओं को खिला सकते हैं.

कैसे खिलाएं अजोला पशुओं को?

अजोला खिलाने से पहले उसे साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है ताकि मिट्टी और अन्य कण निकल जाएं. इसे हरे चारे या भूसे में मिलाकर  देना सबसे अच्छा तरीका है. गाय और भैंस को रोज़ाना लगभग 1 किलो अजोला दिया जा सकता है, जबकि बकरियों और भेड़ों के लिए आधा किलो पर्याप्त होता है. मुर्गियों को सूखे अजोला पाउडर के रूप में देना फायदेमंद रहता है. शुरुआत में कम मात्रा से शुरुआत करें ताकि पशु इसका स्वाद पहचान सकें, फिर धीरेधीरे इसकी मात्रा बढ़ाएं. यह तरीका पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादन दोनों में सुधार लाने में मदद करता है.

क्यों अपनाएं अजोला खेती?

आज जब बाजार में तैयार फीड की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में अजोला किसानों के लिए सस्ता और टिकाऊ विकल्प बनकर उभरा है. इसे एक बार तैयार करने के बाद महीनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. कई डेयरी फार्म मालिक बताते हैं कि अजोला खिलाने के बाद उनके पशुओं की सेहत बेहतर हुई है और दूध उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है.

Published: 5 Dec, 2025 | 09:00 AM

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